बेरावां गांव में मो. रफीक के हत्यारोपियों तलाश में पुलिस ने बुधवार को कई ठिकानों पर छापेमारी की लेकिन, किसी भी आरोपित को पकड़ने में वह कामयाब नहीं हुई। पुलिस खास तौर पर एक सैन्यकर्मी की तलाश कर रही है जिसे विवाद का मुख्य आरोपी बताया जा रहा है। स्थानीय लोगों ने भी इसी सैन्यकर्मी पर आरोप लगाए हैं। पुलिस के मुताबिक सेना में कार्यरत कर्मचारी को ही मुख्य आरोपी बताया जा रहा है। यह पिछले माह छुट्टी पर अपने घर आया हुआ है। उसकी धरपकड़ के बाद ही मामला सामने आएगा।
बता दें, मंगलवार की दोपहर नवाबगंज के बेरावां चौराहे पर बाइक खडी करने के विवाद में मो. रफीक निवासी बेरावां को लाठी-डंडे व हॉकी से पीटकर घायल कर दिया गया था। कुछ देर बाद रफीक की मौत हो गई थी। इस मामले में राजेंद्र पटेल उर्फ गुरुजी, वीरेंद्र पटेल पुत्र जोगहा पटेल निवासी भरई का पूरा, नागेंद्र कुमार पटेल निवासी उल्टा महेशगंज, करन पटेल उर्फ टोपा एवं रामआधार के खिलाफ नामजद रिपोर्ट दर्ज की गई थी। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए आरोपितों की धरपकड़ के लिए नवाबगंज पुलिस ने कल से आरोपितों के ठिकाने पर दबिश देनी शुरु कर दी लेकिन कोई भी आरोपी उसके हाथ नहीं आया। बुधवार को सीओ जितेंद्र गिरि की अगुवाई में पुलिस ने फिर से छापेमारी की। उसका खास जोर सैन्यकर्मी बताए जा रहे युवक को तलाशने पर है। उसका सुराग पाने के लिए पुलिस ने तीन लोगों को उठाया है और उनसे पूछताछ की जा रही है। सीओ का कहना है पोस्टर्माटम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत की स्थिति स्पस्ट हो जाएगी। आरोपितों की धरपकड़ के लिए टीमों को लगाया गया है।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मो.रफीक के मौत के पीछे की कहानी पूरी तरह बदल गई। वीडियोग्राफी एवं दो डॉक्टरों के पैनल के बीच बुधवार को हुए पोस्टमार्टम में रफीक के शरीर पर चोट के निशान नहीं मिले। इसके चलते उसकी मौत की स्थिति स्पस्ट नहीं हुई हालांकि हार्ट अटैक से मौत होने की संभावना जताई जा रही है। मौत की स्थिति साफ न होने से उसका हद्दय एवं विसरा सुरक्षित रख लिया गया है। गौरतलब है कि रफीक की पिटाई से हुई मौत के आरोप में पांच लोगों के खिलाफ नवाबगंज थाने में एफआईआर दर्ज कराई गई है।
फूलपुर सांसद नागेंद्र प्रताप सिंह पटेल ने भी पोस्टमार्टम हाउस पहुंचकर रफीक के परिजनों से मुलाकात करके उनको ढांढस बंधाया और पूरे मामले की जांच कराए जाने का भरोसा दिलाया है। पूर्व विधायक अंसार अहमद समेत समाजवादी पार्टी के भी कई नेता पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे और परिवार के लोगों से अपनी संवेदनाएं जाहिर कीं।
रफीक की मौत एवं जीशान की गंभीर तौर से घायल होने के बाद अभी उनके परिवार के लोग कुछ बोलने को राजी नहीं हैं। बुधवार को पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद रफीक के भतीजे इमरान, तौफीक आदि ने फिलहाल कुछ कहने से इंकार किया है। उनका कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट अभी उनको नहीं मिली है लेकिन, गांव के लोग भी कह रहे हैं कि रफीक को मौत से पहले पीटा गया था।
रफीक की मौत के बाद गम और गुस्से के बीच बुर्जूग रफीक का शव गांव के कब्रिस्तान में दफना दिया गया। देर शाम को शव गांव पहुंचने पर कोहराम मच गया। सरल स्वभाव, मृदभाषी बुजुर्ग को लोगों ने नम आंखों से विदाई देकर गांव के कब्रिस्तान में दफन किया। कई थानाें की फोर्स के साथ सीओ सोरांव जितेंद्र गिरी, थाना प्रभारी नवाबगंज भी इस दौरान मौजूद रहे। इस मौके पर पूर्व विधायक अंसार अहमद, पूर्व प्रधानाचार्य शेरवानी इंटर कांलेज अफसार खां, खुर्शीद आलम, एडवोकेट राजू, जय बाबू शुक्ला, छक्कन लाल पाण्डेय समेत भारी संख्या में लोग रहे।