सिविल लाइंस में युवती को प्लाट दिखाने के बहाने कार में ले जाकर तीन युवकों ने गैंगरेप किया। शुक्रवार रात लगभग पौने दो बजे आरोपी युवती को सिविल लाइंस बस अड्डे पर छोड़ने आए। तभी युवती ने भीड़ और पुलिस देखकर शोर मचा दिया। हंगामा होते देख दो आरोपी कार से उतरकर भाग निकले। एक आरोपी को पुलिस ने कार समेत दबोच लिया। खबर पाकर युवती के परिजन थाने पहुंच गए। पुलिस ने तहरीर पर गैंगरेप का मुकदमा लिखकर पकड़े गए आरोपी को जेल भेज दिया।
मूलरूप से मिर्जापुर की रहने वाली पैंतीस वर्षीय एक युवती सिविल लाइंस इलाके में परिवार समेत किराए पर रहती है। वह प्रापर्टी डीलिंग के कारोबार से जुड़ी है। कुछ दिन पहले उसका संपर्क भावापुर करेली के प्रापर्टी डीलर श्याम किशोर पाल से हुआ। उनके बीच अक्सर व्यवसाय को लेकर बातचीत होती रहती थी। शनिवार शाम श्याम किशोर युवती को घूरपुर में प्लाट दिखाने के बहाने कार से लेकर गया। युवती का आरोप है कि कार में श्याम किशोर के अलावा उसके दो दोस्त अरुण कुमार और जुगनू भी थे। वे उसे एक जमीन पर ले गए। उसे दिखाने के बाद कार में लेकर घर लौटने के बजाय घूमने लगे।
युवती का आरोप है कि उसके साथ कार में तीनों अश्लील हरकत क रने लगे। उसे जबरन शराब पिलाया गया और कार में जबरन गैंगरेप किया गया। आरोपी बदहाल पीड़िता को सिविल लाइंस बस अड्डे के पास शनिवार रात लगभग दो बजे छोड़ने आए। युवती ने बस अड्डे के पास पुलिस देख शोर मचा दिया। युवती को कार में शोर मचाते देख भीड़ दौड़ पड़ी। यह देखकर पुलिस वाले भी दौड़े। यह देखकर कार में बैठे दो युवक तो अंधेरे का फायदा उठाकर भाग निकले, जबकि एक आरोपी को लोगों ने पकड़ लिया। जमकर धुनाई के बाद आरोपी को थाने ले गए। एसएसआई अरविंद तिवारी ने बताया कि युवती की तहरीर पर तीन के खिलाफ नामजद मुकदमा लिखकर पकड़े गए आरोपी को जेल भेज दिया। अन्य आरोपियों की तलाश की जा रही है।
आरोपियों के चंगुल से छूटने के बाद युवती ने घरवालों को फोन से सूचना दी तो पति और बेटा भी आ गए। बताया जाता है कि पीड़िता का पति एक मजिस्ट्रेट का ड्राइवर है। घटना की जानकारी होने के बाद वह कार से बेटे के साथ थाने पहुंचा था।
गैंगरेप पीड़िता ने जब सिविल लाइंस बस अड्डे पर भीड़ देखकर शोर मचाया तो लोग दौड़ पड़े। भीड़ के आते ही पीड़िता आरोपी श्याम किशोर पर टूट पड़ी। चप्पल, लात-घूंसों से पीटने लगी। पुलिस किसी तरह आरोपी को लेकर थाने पहुंची। खबर पाकर थाने पहुंचे पीड़िता के पति और बेटे को जब पता चला कि एक आरोपी पकड़ा गया है तो वे उस पर टूट पड़े। थाने में मारपीट होने लगी। किसी तरह सिपाहियों ने आरोपी को उनके चंगुल से छुड़ाकर लॉकअप में डाल दिया।