फू लपुर के करुआडीह गांव में रविवार सुबह बेकाबू इंडिगो कार ने सड़क किनारे खड़े बस कंडक्टर को कुचल दिया। फिर अनियंत्रित कार मिट्टी के चबूतरे से टकराई और लगभग दस फीट हवा में उछलने के बाद एक राजगीर के ऊपर गिर गई। राजगीर अपने मकान के बाहर बैठकर शौचालय की सीमेंट रिंग बना रहा था। हादसे की सूचना पर फूलपुर पुलिस पहुंची। घायलों को एसआरएन अस्पताल लाया जा रहा था, लेकिन रास्ते में दोनों की सांसें थम गईं।
सौरहा गांव का जिशान अहमद (27) इलाहाबाद-प्रतापपुर सिटी बस का परिचालक था। वह दो भाइयों में छोटा था। रविवार सुबह वह बाइक से फूलपुर आया। वहां से अप्पे में बैठक र प्रतापपुर जा रहा था। वह करुआडीह गांव के सामने उतर गया। वह खड़ा होकर बस का इंतजार कर रहा था। तभी प्रतापपुर की तरफ से एक तेज रफ्तार इंडिगो कार आई और जिशान को कुचलने के बाद अनियंत्रित होकर मिट्टी के चबूतरे से टकरा गई। चबूतरे से टक्कर के बाद कार हवा में दस फीट ऊपर उछली और सीमेंट की रिंग बना रहे राजगीर फूलचंद्र (50) पर जा गिरी। हादसे के बाद चालक कार से उतर कर फरार हो गया। सुबह छह बजे दुर्घटना से गांव में खलबली मच गई।
सूचना पर फूलपुर पुलिस पहुंची। घायलों को एंबुलेंस से लेकर एसआरएन अस्पताल आ रही थी कि रास्ते में ही दोनों की मौत हो गई। एसआरएन में डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। अनहोनी की खबर जिशान के घर पहुंची तो कोहराम मच गया। परिजन यकीन नहीं कर पा रहे थे कि आधे घंटे पहले ड्यूटी के लिए निकला जिशान अब इस दुनिया में नहीं रहा। पत्नी रूबी तो खबर सुनते ही अचेत हो गई। वहीं फूलचंद्र के घर में भी कोहराम मच गया। पत्नी पत्ती देवी, दोनों बेटे और बेटियों की आंखों से आंसू थम नहीं रहे। घरवालों ने बिलखते हुए बताया कि दस दिन पहले ही फूलचंद्र ने सड़क किनारे बने घर पर काम शुरू किया था। इससे पहले गांव के अंदर स्थित घर पर काम करता था।