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अवैध निर्माण ध्वस्त कराने र्गई एडीए और पुलिस टीम पर पथराव

Fri, 12 Jan 2018 02:42 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
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दीघार में ग्राम समाज की जमीन से अवैध अतिक्रमण हटाता जेसीबी मशीन। - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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पोंगहट पुल पर बृहस्पतिवार को अवैध निर्माण ध्वस्त कराने गई पुलिस एवं एडीए की टीम का महिलाओं ने विरोध करते हुए हंगामा कर दिया। इस दौरान पथराव भी हुआ। पथराव में एडीए की जेबीसी का शीशा टूट गया। फोर्स कम होने के कारण एडीए की टीम लौट गई। अब नए सिरे कार्रवाई की तैयारी की जा रही है। दूसरी ओर, लोगों ने कार्रवाई को मनमाना बताते हुए देर रात धूमनगंज थाने में हंगामा किया। उनका कहना था कि कार्रवाई पूर्व विधायक वाचस्पति के खिलाफ होनी चाहिए।
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बमरौली इलाके में पोंगहट पुल के पास आधा दर्जन अवैध कालोनियों का निर्माण हो गया है। यह कालोनियां सरकारी जमीन पर बना दी गई हैं। एडीए और तहसील सदर की टीम ने एक सप्ताह तक जमीन के अभिलेख जांचे। उसी के बाद फैसला लिया कि इन अवैध कालोनियों को ध्वस्त किया जाएगा। इस अभियान में एडीए की टीम के साथ सीओ सिविल लाइंस श्रीश्चंद्र और थाना धूमनगंज की पुलिस मौजूद थी। पुलिस की मौजूदगी में एडीए और तहसील टीम ने अवैध कालोनियों को ध्वस्त करना शुरू किया तो महिलाएं आगे आ गईं। उन्होंने टीम का जमकर विरोध किया और भीड़ में से पत्थर चलने लगे। जिसके कारण जेसीबी मशीन का शीशा टूट गया। लोगों के आक्रोश तथा फोर्स कम होने के कारण ध्वस्तीकरण टीम को लौटना पड़ा। एडीए अधिकारियों के मुताबिक अभियान नए सिरे से चलाया जाएगा।

इलाहाबाद विकास प्राधिकरण के प्रभारी जनसंपर्क अधिकारी पीएन यादव ने बताया कि दो बीघा में की गई प्लाटिंग को ध्वस्त किया गया है। एक अनधिकृत भवन भी गिराया गया। इसी तरह का अभियान निरंतर जारी रहेगा। एडीए की दूसरी टीम ने आनंद कुमार वर्मा के मकान नंबर 54 को ध्वस्त किया है। जोन तीन और चार में 13 भवनों के चालान किए गए।
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‘भूमाफिया के खिलाफ निरंतर अभियान चलेगा। कई भूमाफिया चिह्नित कर लिए गए हैं। उनके खिलाफ अब निरंतर कार्रवाई जारी रहेगी।’ श्रीश्चंद्र, सीओ, सिविल लाइंस

देर रात पीड़ित परिवारों ने थाना धूमनगंज का घेराव कर कालोनाइजर पूर्व विधायक वाचस्पति के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की मांग की। प्रदर्शन करने वालों में करीब डेढ़ सौ पीड़ित परिवार थे, जिनको कालोनाइजर ने प्लाट आवंटित किए और आठ-दस वर्ष पहले सरकारी जमीन को अपनी बता बेची। यहां करीब दो सौ मकान बन गए थे। उस समय अधिकारियों ने भी कोई रोक-टोक नहीं की, लेकिन अब एंटी भूमाफिया अभियान के तहत उपजिलाधिकारी सदर की ओर से नोटिस जारी कर दिए गए। पीड़ित परिवार रिपोर्ट दर्ज कराने की मांग पर अड़े रहे, लेकिन उनकी नहीं सुनी गई।
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