गोरखपुर के अस्पताल में ऑक्सीजन की सप्लाई ठप हो जाने से हुई बच्चों की मौत के विरोध में दो छात्रों ने शनिवार को सिविल लाइंस के सुभाष चौराहे पर आत्मदाह की कोशिश की। घटना के लिए प्रदेश सरकार को जिम्मेदार बताते हुए इलाहाबाद विश्वविद्यालय के छात्र-छात्राओं ने शाम के वक्त मौन जुलूस निकाला और घटना में मारे गए बच्चों को श्रद्धांजलि अर्पित की। वहीं, कई अन्य छात्र संगठनों ने अपने-अपने तरीके से विरोध दर्ज कराया।
समाजवादी छात्रसभा की ओर से शनिवार शाम गोरखपुर की घटना के विरोध में सिविल लाइंस के सुभाष चौराहे पर सीएम का पुतला फूंका गया। साथ ही कैंडल मार्च निकालकर बच्चों को श्रद्धांजलि दी गई। इस दौरान सीएमपी छात्रसंघ के पूर्व महामंत्री आशीष पांडेय और छात्रनेता प्रिंस सिंह बागी ने अचानक खुद पर मिट्टी का तेल छिड़कर लिया और आत्मदाह की कोशिश की। हालांकि आसपास मौजूद अन्य छात्रों ने उन्हें पकड़कर ऐसा करने से रोक दिया। छात्रों के वहां से जाने के बाद घटना की सूचना पाकर मौके पर पुलिस भी पहुंच गई लेकिन वहां कोई छात्र नहीं मिला। इस दौरान छात्रसंघ के निवर्तमान उपाध्यक्ष अदील हमजा समेत छात्र नेता अखिलेश गुप्ता, इफ्तेखार हुसैन, दानिश, फैसल मंसूर, अरविंद सरोज, अवनीश यादव आदि मौजूद रहे। उधर, इलाहाबाद विश्वविद्यालय के छात्र और छात्राओं ने छात्रसंघ भवन से बालसन चौराहा तक मौन जुलूस निकालकर बच्चों को श्रद्धांजलि दी और घटना के लिए प्रदेश सरकार को दोषी ठहराया।
उधर, ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (आइसा) के कार्यकर्ताओं ने भी गोरखपुर में ऑक्सीजन की कमी से 30 बच्चों की मौत पर आक्रोश जताया। प्रदेश अध्यक्ष अंतस सर्वानंद ने कहा कि जानवरों की सेवा में एंबुलेंस करवाने की वाली प्रदेश सरकार सीएम के गृहजनपद में बच्चों के लिए ऑक्सीजन तक की व्यवस्था नहीं कर पा रही है। मांग की गई गोरखपुर के डीएम को तत्काल बर्खास्त किया जाए। दिशा छात्र संगठन और नौजवान भारत सभा की ओर से भी गोरखपुर की घटना के विरोध में प्रयाग स्टेशन से लल्ला चुंगी तक पैदल मार्च निकाला गया। साथ ही प्रदेश सरकार को पुतला फूंका गया और नुक्कड़ सभा का आयोजन किय गया। इसमें अंगद, अमित, महाप्रसाद, नेहा, अंजलि, शिवानी, अविनाश, एएन सिंह आदि शामिल रहे। इसके अलावा ऑल इंडिया डेमोक्रेटिक स्टूडेंट्स आर्गनाइजेशन की ओर से भी कैंडल मार्च निकालकर गोरखपुर की घटना के लिए जिम्मेदारी मेडिकल कॉलेज एवं प्रदेश सरकार की निंदा की गई। इसमें रंजन, विजय प्रताप, हरिकेश, राकेश, देवेश प्रताप सिंह, अमर सिंह आदि मौजूद रहे।