धूमनगंज पुलिस ने शनिवार को दो अलग हत्याकांड में फरार पूर्व विधायक अशरफ और आठ अन्य आरोपियों के घरों पर जाकर मुनादी कराई कि वे हाजिर नहीं हुए तो कुर्की कर दी जाएगी। अशरफ समेत सभी आरोपियों के घरों पर कोर्ट से जारी कुर्की की उदघोषणा का नोटिस भी चस्पा कर दिया गया।
धूमनगंज थानाध्यक्ष नागेश सिंह ने बताया कि 25 सितंबर 2015 को मरिायाडीह में फारच्यूनर के भीतर गोली मारकर अल्कमा और सुरजीत की हत्या की वारदात में पूर्व विधायक अशरफ, मरियाडीह के जावेद, लाल विहारा के अबू बकर, माजिद, शेरू, उमरी गांव के एजाज अख्तर, बेली गांव के पप्पू, फैसल, बमरौली के मुन्ना, रसलूपुर के मुन्ना के खिलाफ अदालत से सीआरपीसी की धारा 82 के तहत कुर्की का नोटिस जारी हुआ है। इसी तरह, पिछले साल हुए किसान नेता जीतेंद्र पटेल हत्याकांड में भी अशरफ के साथ ही फरार आसिफ दुर्रानी के खिलाफ भी कोर्ट से कुर्की का नोटिस जारी किया गया है। जीतेंद्र के कत्ल में पिछले दिनों क्राइम ब्रांच ने शूटर जुल्फिकार उर्फ तोता को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। दोनों ही कत्ल में जेल में बंद पूर्व सांसद अतीक अहमद भी साजिश रचने के आरोपी हैं।
शनिवार को धूमनगंज पुलिस ने सबसे पहले चकिया में पूर्व विधायक अशरफ के घर पर जाकर ढोल-नगाड़े से मुनादी कराई कि अशरफ को भगोड़ा घोषित किया गया है। अगर उसने सरेंडर नहीं किया तो कोर्ट से अनुमति लेकर संपत्ति की कुर्की की जाएगी। अशरफ के घर पर पुलिस ने नोटिस चस्पा कर दिया। असल में यह निवास पूर्व सांसद अतीक अहमद का है जिसमें अशरफ का भी परिवार एक हिस्से में रहता है। अशरफ के बाद पुलिस ने फरार अपराधी आसिफ दुर्रानी के भी दो घरों पर मुनादी कराने के साथ ही नोटिस चिपकाया। इसके बाद मरियाडीह, उमरी, बेली गांव, लालबिहारा में बाकी सात आरोपियों के भी घरों पर मुनादी कराई गई। थानाध्यक्ष ने बताया कि अशरफ के घर की पहले भी कुर्की हो चुकी है। उस पर 12 हजार रुपये का पुरस्कार घोषित है। वह कई महीने से फरार चल रहा है। उसके भाई पूर्व सांसद अतीक अहमद फरवरी महीने से ही देवरिया जेल में बंद हैं।