कौशाम्बी के चायल तहसील के नायब तहसीलदार सुरेश चंद्र शुक्ला ने चोरी के शक में अपने निजी चालक और पड़ोसी युवक को अपने रिश्तेदारों के साथ मिलकर बंधक बनाया और बेरहमी से पिटाई की। आरोप है कि लाठी-डंडों से पीटने के बाद उन्हें अमावीय यातना दी गई। जानकारी मिलने पर युवकों के रिश्तेदारों, और परिजनों में आक्रोश फैल गया। भारतीय किसान यूनियन के सैकड़ों कार्यकर्ता अफसर के जुल्म के विरोध में सड़क पर उतर आए। सुभाष चौराहे के बाद सीओ सिविल लाइंस के दफ्तर पर प्रदर्शन, नारेबाजी शुरू हो गई। शिकायत मिलने पर एसएसपी आकाश कुलहरि के निर्देश पर पुलिस ने पिटाई से घायल दोनों युवकों का स्वरूप रानी नेहरू अस्पताल में मेडिकल कराया। देर शाम नायब तहसीलदार और तीन अज्ञात लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है।
धूमनगंज पुलिस को दी तहरीर में भोला साहू और सचिन कुमार मिश्रा का आरोप है कि उन दोनों को चोरी के शक में 14 फरवरी की रात स्कार्पियो पर जबरिया बैठाकर नायब तहसीलदार अल्लापुर ले गए। वहां एक कमरे में बंधक बनाकर लाठी-डंडे से उनकी पिटाई की जाने लगी। नायब तहसीलदार का कहना था कि तुम लोग चोरी की बात कबूल कर लो। इंकार करने पर बेरहमी से पिटाई की गई। सचिन के बाएं हाथ की हड्डी में फ्रैक्चर हो गया है। सचिन का कहना है कि उसके हाथ में पिस्टल पकड़ाई गई। इसके बाद रुमाल लगाकर पिस्टल ले ली गई। धमकी दी गई कि अब तुम बच नहीं पाओगे। इसलिए कि पिस्टल पर तुम्हारी फिंगर प्रिंट आ गई है। फिर 15 फरवरी की रात एक बजे किसी चौराहे पर छोड़ कर चले गए। बीती 13 फरवरी की रात कालिंदीपुर स्थित फ्लैट में चोरी की रिपोर्ट नायब तहसीलदार ने अज्ञात लोगों के खिलाफ धूमनगंज थाने में दर्ज कराई थी। नायब तहसीलदार को शक था कि चोरी के पीछे उनके निजी चालक भोला साहू और उसके करीबी सचिन मिश्रा का हाथ हो सकता है।