इलाहाबाद-मड़ुआडीह पैसेंजर ट्रेन में शनिवार को एक महिला ने दारागंज निवासी दो महिलाओं को बेहोश करके उनका बच्च चुरा लिया। 100 नंबर पर फोन करने पर पहुंची पुलिस ने जीआरपी को सूचना दी, लेकिन जीआरपी ने आगे की कार्रवाई करने से हाथ खड़े कर दिए। पीड़ित महिलाएं देर रात तक बच्चे की खोज में जुटी रहीं। वहीं इलाहाबाद जंक्शन के एसओ का कहना है कि उनके पास इस तरह की कोई जानकारी नहीं है।
भदोही के थाना गोपीगंज के गांव गुलौरी की कलावती देवी दो दिन पहले दारागंज में अपनी बेटी प्रेमा पत्नी राजू निषाद को मायक ले जाने आईं थी। शनिवार को दोनों इलाहाबाद-मड़ुआडीह पैसेंजर से गोपीगंज जाने के लिए बैठीं। प्रेमा की गोद में उसका तीन माह का बेटा भी था। प्रेमा ने बताया कि ट्रेन में उसके बगल बैठी एक महिला ने उन दोनों से नजदीकियां बढ़ा लीं, फिर उसके बच्चे को अपनी गोद में ले लिया। प्रेमा ने बताया कि हंडिया स्टेशन पार करते ही अज्ञात महिला ने रुमाल निकालकर झटक दिया। कुछ ही देर में वे दोनों सो गईं। भींटी स्टेशन पर ट्रेन रुकते ही महिला बालक को लेकर नीचे उतरने के बाद चंपत हो गई। क्रासिंग होने के कारण पैसेंजर वहीं स्टेशन पर देर तक रुकी रही। काफी देर तक जब वह महिला बच्चे को लेकर नहीं लौटी तो आसपास के यात्रियों ने प्रेमा और उसकी मां को जगाया। बच्चे और उस महिला को वहां ना पकार दोनों हतप्रभ रह गईं। दोनों महिलाएं स्टेशन पर उतरकर बच्चे को खोजने लगीं। चीखपुकार सुन भीड़ जुट गई। काफी प्रयास के बाद भी अज्ञात महिला और बालक का पता नही चल सका। अज्ञात महिला की सीट पर मिले एक लावारिस बैग में कुछ पुराने कपड़ों के अलावा एक अस्पताल की पर्ची मिली है, जिस पर सीता देवी लिखा है।
सूचना पार 100 नंबर पुलिस ने प्रेमा और उसकी मां की शिकायत जीआरपी को ट्रांसफर कर दी, लेकिन जीआरपी इस घटना को सिरे से नकार रही है। जंक्शन जीआरपी प्रभारी अशोक दुबे का कहना है कि उन्हें महिला के बच्चे के चोरी होने की कोई जानकारी नहीं है, जबकि महिला देर रात तक बच्चे की तलाश में भटकती रही।