कोतवाली के बादशाही मंडी इलाके में सोमवार रात क्षमा श्रीवास्तव (28) ने मायके में फांसी लगा ली। देर रात नाती के रोने पर युवती के पिता ने दरवाजा खोला तो बेटी को कमरे में फांसी पर लटकते देख चीख पड़े। पुलिस के पहुंचने के बाद शव को नीचे उतारा गया। बताया जाता है कि पति से विवाद के बाद युवती लगभग छह माह से मायके में थी।
मूलरूप से झारखंड के सलामू जिले के अशोक सिन्हा कौशांबी के एक निजी डिग्री कॉलेज में कर्मचारी हैं। वह पिछले बीस सालों से बादशाही मंडी इलाके में किराए पर रहते हैं। पांच साल पहले उन्होंने अपनी बेटी क्षमा श्रीवास्तव (28) का विवाह नैनी में डांडी के धीरज श्रीवास्तव के साथ किया था। शादी के बाद सब कुछ सही चल रहा था। क्षमा के एक तीन साल की बेटी फ्रूटी और डेढ़ साल का बेटा प्रसंग है। धीरज बेरोजगार है। जिसके चलते घर में अक्सर आर्थिक तंगी के चलते कलह होती रहती थी। छह माह पहले क्षमा बेटे प्रसंग को लेकर मायके पिता के पास चली आई।
लेकिन बेटी फ्रूटी धीरज के पास ही रही। सोमवार रात क्षमा खाने के बाद अपने कमरे में सोने चली गई। रात लगभग दो बजे प्रसंग रोने लगा। उसे रोता देखा अशोक सिन्हा ने आवाज दी लेकिन क्षमा नहीं बोली। वह उठकर गए और दरवाजा खोला तो अंदर का नजारा देख पैरों तले जमीन खिसक गई। उनके रोने की आवाज सुनकर पड़ोसी आ गए। कोतवाली पुलिस ने पूछताछ के बाद शव को कब्जे लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिए। अशोक सिन्हा ने आरोप लगाया कि क्षमा को उसके ससुराल वाले दहेज के लिए प्रताड़ित करते थे। जिससे परेशान होकर उसने ऐसा कदम उठाया है।