नौकरी के नाम पर इलाहाबाद के इमरान जैसे यूपी के करीब ढाई सौ युवक सऊदी अरब में बंधुआ मजदूर बनकर रहे हैं। इमरान तो छह महीने तक वहां बंधुआ मजदूर रहा। बाद में दूसरी जगह 17 महीने नौकरी करके इमरान ने भारत आने लायक रकम जुटाई। सऊदी स्थित भारतीय दूतावास से अस्थाई पासपोर्ट और बीजा हासिल कर पिछले दिनों इलाहाबाद लौट आया है। वहां पर अभी भी इलाहाबाद, कौशांबी और प्रतापगढ़ के दर्जन भर युवक बंधुआ मजदूर की तरह रह रहे हैं। उनके पासपोर्ट और बीजा जब्त कर लिए हैं। सिर्फ गुजारे लायक ही आठ सौ रियाल हर महीने मुहैया कराए जा रहे हैं। जबकि पांच हजार रियाल तय करके प्लास्टिक फैक्ट्री में काम कराने के लिए बुलाया गया था। लौटकर इमरान ने भाजपा सांसद वरुण गांधी को आपबीती सुनाई। साथ ही कीडगंज थाने में तहरीर भी दी है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
कृष्णानगर कीडगंज निवासी मोहम्मद इमरान दिसंबर 2015 में सऊदी अरब में नौकरी के लिए पड़ोस की महिला सुरइया और बेवो के माध्यम से सऊदी अरब में नौकरी के लिए भिजवाने वाले सिराथू निवासी इरफान से ्िमला था। नौकरी दिलाने की एवज में इरफान ने एक लाख आठ हजार रुपये लिए। कुछ दिनों बाद उसे मुंबई की एमएस ट्रैवल्स कंपनी के माध्यम से 15 दिसंबर को सऊदी अरब के दम्माम शहर में काम करने वाली हैदर ग्रुप कंपनी में भिजवा दिया गया।
सऊदी अरब में कंपनी के सुपरवाइजर फरहद ने बीजा और पासपोर्ट जब्त कर लिया। उसने कहा कि मुंबई से कंपनी को उसे बेच दिया गया है। कम से छह महीने तक बिना भुगतान के काम कराया जाना है। कंपनी की ओर से छह महीने तक दो वक्त के भोजन के लिए मात्र 800 रियाल ही दिए जाते रहे। इमरान ने बताया कि वहां इलाहाबाद का जाविद अभी भी बंधुआ बनकर काम कर रहा है। यही स्थिति प्रतापगढ़ के विनोद कौशांबी और सिराथू के संदीप और बबलू पांडेय की है। वहां सड़क और इन्फ्रास्ट्रक्चर का काम कराने वाले दर्जन भर लेबर कांट्रेक्टरों के यहां यूपी के 250 से अधिक युवक इसी तरह काम कर रहे हैं। इमरान ने अपने साथ हुए घटनाक्रम का हवाले देते हुए थाना कीूड़गंज के प्रभारी को तहरीर दे दी है। जिसमें रिपोर्ट दर्ज कर इन सभी दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने को कहा गया है।
‘इमरान की ओर से तहरीर मिली है। जिसकी जांच कराने के बाद ही अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।’ पंकज कुमार सिंह, इंस्पेक्टर कीड़गंज
सांसद वरुण गांधी ने इमरान की ओर से दी गई जानकारी का उल्लेख करते हुए विदेश मंत्री सुषमा स्वराज से हस्तक्षेप करने को कहा है। उन्होंने इस बारे में विदेश मंत्री को पत्र लिखा है। जिसमें उन्होंने कहा है कि इस तरह अपने देश के बंधक बनाए गए युवकों को सऊदी अरब से रिहा कराने के प्रयास कराए जाएं। साथ ही धोखाधड़ी करके मानव तस्करी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई भी कराई जाए। भविष्य में इस तरह की घटनाओं पर भी रोक के लिए कानून भी बने।