इलाहाबाद। अतरसुइया के दरियाबाद मोहल्ले में बृहस्पतिवार सुबह ज्ञानेंद्र सिंह (45) मालिक के घर की छत पर फांसी से लटका मिला। सूचना पर अतरसुइया पुलिस मौके पर पहुंची। वहीं परिजनों ने मालिक और उसके बेटों पर हत्या का आरोप लगाया है। पत्नी की तहरीर पर अतरसुइया पुलिस ने हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया है।
खीरी के पालपट्टी का रहने वाला ज्ञानेद्र सिंह सात भाइयों में चौथे नंबर का था। वह ठाकुरदीन का हाता मुट्टीगंज में गीता इंटरप्राइजेज में पिछले तीन साल से नौकरी कर रहा था। जिसके चलते मालिक हरिश्चंद्र केशरवानी का काफी विश्वास पात्र भी हो गया था। वह हरिश्चंद्र के दरियाबाद स्थित घर के तीसरी मंजिल के एक कमरे में रहता था। कुछ दिन पहले हरिश्चंद्र ने ज्ञानेंद्र को दुकान से सामान चोरी कर बेचते हुए पकड़ा था। इसकी शिकायत मुट्टीगंज पुलिस से भी की थी। तब परिजनों ने आकर समझौता कर लिया था।
बृहस्पतिवार को ज्ञानेंद्र काफी देर तक नीचे नहीं आया तो मालिक उसे बुलाने गए। वह छत पर लगे एक एंगल में गमछे का फंदा बनाकर फांसी से लटका था। इसकी सूचना हरिश्चंद्र ने अतरसुइया पुलिस को दी। खबर पाकर ज्ञानेंद्र की पत्नी ज्योति सिंह परिजनों के साथ पहुंची। उसने आरोप लगाया कि उसके पति को मालिक और उसके बेटों ने मारकर लटका दिया है। वे उसे काफी प्रताड़ित करते थे।
न उसे पैसा दिया जा रहा था और न ही छुट्टी। पति की मौत से ज्योति का रोकर बुरा हाल है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट फांसी से मौत की बात सामने आई है। ज्ञानेंद्र का एक भाई प्रतापगढ़ कोतवाली में सिपाही है और चचेरा भाई रामप्रवेश सिंह फतेहपुर में दरोगा है। एसओ अतरसुइया महेंद्र वर्मा ने बताया कि पत्नी की तहरीर पर हरिश्चंद्र और उसके बेटों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर जांच की जा रही है।