कसारी-मसारी में बृहस्पतिवार दोपहर प्रापर्टी से जुड़े रवि पासी की हत्या के लिए पुलिस खुद जिम्मेदार है। रवि पासी के कत्ल के पीछे यह बात आई है कि उसने अतीक अहमद के शूटर तोता की गिरफ्तारी के लिए मुखबिरी थी। तोता ने ही उसका कत्ल कराया है। पता चला है कि क्राइम ब्रांच ने ही रवि से मुखबिरी मिलने की बात अतीक गैंग के लोगों के सामने लीक कर दी। यह रवि के लिए घातक साबित हुआ। दूसरे दिन भी पुलिस नामजद आरोपियों नहीं दबोच सकी।
बृहस्पतिवार दोपहर कसारी-मसारी में 120 फुट रोड पर रवि पासी की पांच गोली मारकर हत्या में उसकी पत्नी सीमा ने जेल में बंद जुल्फिकार उर्फ तोता पर साजिश तथा उसके भाई सलमान और चचेरे भाई अल्ताफ पर वारदात अंजाम देने का आरोप लगाते हुए केस लिखाया है। सलमान और अल्ताफ घटना के दूसरे रोज भी आधी रात तक पकड़ में नहीं आए। प्रापर्टी के धंधे से जुडे़ रवि के बारे में पता चला कि वह कुछ समय पहले तक अतीक गैंग के भी लोगों की जमीन बिकवाता रहा है। कुछ विवाद होने पर उसने अतीक गैंग के लोगों से किनारा कर लिया। अब वह दूसरे प्रापर्टी डीलरों के साथ काम कर रहा था। अतीक गिरोह के लोग उससे बौखलाए थे। इसी बीच करीब डेढ़ महीने पहले क्राइम ब्रांच और धूमनगंज पुलिस ने कसारी-मसारी में ही फरार चल रहे शूटर तोता को दबोच लिया। उसे जेल भेज दिया गया।
पुलिस सूत्रों का कहना है कि अतीक के लोगों से विवाद के लिए वह तोता को जिम्मेदार मानता था। तोता को सबक सिखाने के लिए वह पुलिस से मिल गया। वह पुलिस को तोता की गतिविधियों की जानकारी देने लगा था। फरार तोता उस रात अपने घर आया तो रवि को भनक लगी और उसने ही आधी रात बाद क्राइम ब्रांच को खबर दे दी। तोता मुठभेड़ के बाद पकड़ा गया। अब रवि की हत्या के बाद पुलिस के बीच चर्चा है कि क्राइम ब्रांच के एक दरोगा की गंभीर लापरवाही ने रवि की जान ली। उस दरोगा ने कुछ दिन पहले मुंडेरा में अतीक के लोगों के साथ दारू की दावत के बीच तोता की गिरफ्तारी में रवि की मुखबिरी का जिक्र कर दिया था। बस, गुर्गो ने यह बात जेल में बंद तोता तक पहुंचा दी। तोता को पता चला तो उसने अपने भाई सलमान को रवि को ठिकाने लगाने का फरमान दिया और यह कत्ल हो गया। एसएसपी आकाश कुलहरि का कहना है कि सभी बिंदुओं पर जांच के साथ ही नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम छापेमारी कर रही है।