सिविल लाइंस में शुक्रवार रात डीआरएम दफ्तर के सामने बेकाबू कार चालक ने पैदल जा रहे कोचिंगकर्मी को रौंद दिया। दुर्घटना के बाद चीख-पुकार सुनकर आसपास के लोग वहां पहुंचे। वहां खून से लथपथ युवक की सांस थम चुकी थी। इस बीच युवक रौंदने वाला चालक कार लेकर फरार हो गया। खबर पाकर सिविल लाइंस पुलिस पहुंची तो अनहोनी खबर युवक के घरवालों को दी।
मऊ जिले में मऊनाथभंजन के राजाराम का पूरा निवासी इंद्रजीत शर्मा (42) चार भाइयों में तीसरे नंबर का था। वह यहां रॉयल होटल में किराए पर कमरा लेकर कॅरियर कोचिंग में नौकरी करता था। उसकी ससुराल मुट्ठीगंज इलाके में थी। पत्नी और बच्चे गांव में रहते थे। कमरे में अकेले होने के चलते शुक्रवार रात खाने के बाद वह नवाब यूसुफ रोड पर टहलने निकला था। सड़क के किनारे टहलते समय डीआरएम दफ्तर के सामने पीछे से आई तेज रफ्तार कार ने उसे रौंद दिया।
हादसे के बाद चालक कार लेकर भाग निकला। जब तक लोग वहां पहुंचते इंद्रजीत की मौत हो चुकी थी। सूचना पर पर मौके पर पहुंची सिविल लाइंस पुलिस ने युवक की जेब से मिले कागजात के आधार शिनाख्त इंद्रजीत के रूप में की। पुलिस ने मौके की औपचारिकताएं पूरी कर दुर्घटना की खबर घरवालों को दी। सूचना पाकर उसके कुछ दोस्त एसआरएन अस्पताल पहुंचे। इंद्रजीत के एक बेटा आयुष और बेटी नेहा है। पति के मौत की खबर सुनकर पत्नी नीलम रोते-रोते अचेत हो गई। शनिवार शाम पोस्टमार्टम के बाद घरवाले इंद्रजीत का शव लेकर गांव चले गए।