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दरोगा समेत पांच लोगों की हत्या

Mon, 30 May 2016 01:01 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
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दरोगा समेत पांच की हत्या के बाद जुटी पु‌ल‌िस फोर्स - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
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यमुनापार के कौंधियारा इलाके में रविवार शाम एकौनी गांव में पट्टीदारों के बीच हुए टकराव में पांच लोगों का कत्ल हो गया। मंदिर बनाने के विवाद में दरोगा सुरेश पांडेय ने लाइसेंसी राइफल से दूसरे पक्ष के पूर्व दरोगा समेत दो सगे भाइयों और उनके भतीजे को गोली से उड़ा दिया। तीन कत्ल से गुस्साए लोगों ने राइफल छीनकर दरोगा सुरेश और उसके पिता को लाठी-डंडे से पीटकर मार डाला। दो लोग गंभीर घायल हैं। खून-खराबा से गांव में कोहराम मच गया। पुलिस फोर्स के साथ एसपी यमुनापार ने गांव जाकर मृतकों और घायलों को अस्पताल पहुंचाया। देर रात तक मौके पर आईजी और कमिश्नर समेत आला अफसर डटे थे। सात लोगों को हिरासत में लिया गया है। गांव के तमाम पुरुष फरार हैं।
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एकौनी गांव में रहने वाले शिवसेवक पांडेय (54) ने गोरखपुर में तैनाती के दौरान दरोगा पद से वीआरएस ले लिया था। पड़ोस में रहने वाले चचेरे भाई रामकैलाश पांडेय से उनका तीन साल पहले मंदिर में पूजा-पाठ को लेकर विवाद हो गया था। बताया गया कि उस मंदिर की देखभाल रामकैलाश का परिवार करता रहा है। शिवसेवक पक्ष ने उसी मंदिर के बगल दूसरा मंदिर बनाने की ठान ली। अलग से चौरा बनाकर पूजा भी करने लगे। तब उनके बीच झगड़े में मुकदमा भी दर्ज हुआ था। रामकैलाश पक्ष दूसरा मंदिर बनाने का लगातार विरोध करता रहा, मगर शिवसेवक पक्ष ने कह दिया कि नया मंदिर तो जरूर बनाया जाएगा। दस मई से चंदा जुटाकर नया मंदिर बनाने का काम शुरू कर दिया गया। इससे दूसरा पक्ष बौखलाया था।

रामकैलाश का पुत्र सुरेश पांडेय दरोगा था। उसकी तैनाती कानपुर के पनकी में थी। शनिवार को दरोगा सुरेश घर आ गया। उसने भी मंदिर बनाने का विरोध किया। रविवार को भी दोनों पक्षों में तनातनी बनी रही। शाम करीब साढ़े पांच बजे अचानक दरोगा सुरेश घर से राइफल लेकर निकला और दूसरे पक्ष के पूर्व दरोगा शिवसेवक पांडेय (54), उनके भाई सीआरपीएफ के पूर्व सिपाही कृष्ण सेवक (48) और भतीजे विमल पांडेय (32) पुत्र रामसेवक पांडेय को गोली मार दी। उन तीनों की मौत हो गई। मारे गए शिवसेवक के भाई रामसेवक पांडेय और प्रेमसेवक भी हमले में घायल हुए।
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इसके बाद गुस्साए लोगों ने दरोगा सुरेश पांडेय और उसके पिता रामकैलाश पांडेय (65) को घेरकर लाठी से पीट डाला। पूरे गांव में कोहराम मच गया। घटना की जानकारी पाकर एसपी यमुनापार अशोक कुमार सीओ बारा विजयशंकर तिवारी तथा छह थानों की पुलिस फोर्स के साथ पहुंच गए। मौके पर चार लोगों की मौत हो चुकी थी। दरोगा सुरेश पांडेय की सांस चल रही थी, लेकिन अस्पताल ले जाने पर उसे भी मृत घोषित कर दिया गया। घायल रामसेवक और प्रेमसेवक को अस्पताल ले जाया गया। पांच कत्ल से पुलिस विभाग में भी खलबली मच गई। आईजी आरके चतुर्वेदी, कमिश्नर राजन शुक्ला, प्रभारी डीएम अटल राय, एसएसपी जोगेंद्र कुमार और डीआईजी जेके शाही वहां पहुंच गए। पुलिस ने हत्याकांड में सात लोगों को हिरासत में लिया है। 
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