डॉ. बंसल हत्याकांड के शूटरों की तलाश में अब क्राइम ब्रांच चित्रकूट और मध्यप्रदेश के जंगलों की खाक छान रही है। हत्याकांड के बाद से राजा पांडेय गैंग के शूटर पुलिस के रडार पर हैं। राजा के गिरोह से जुड़े कई करीबियों को पुलिस ने उठाकर छानबीन भी की, लेकिन ऐसा कोई क्लू नहीं मिला, जिससे शूटरों तक पहुंचा जा सके। पुलिस अब गिरोह के अन्य शूटरों की तलाश में चित्रकूट और जिले की सीमा से जुड़े मध्यप्रदेश के रीवा, सतना के जंगलों की खाक छान रही है।
जंगलों में शूटरों को खोज रही क्राइम ब्रांच की मदद एंटी डकैती सेल कर रही है। दरअसल, कई मामलों में पकड़े गए बदमाशों ने यह कुबूला है कि वे वारदात के बाद जंगलों में ठिकाना बनाते हैं। चूंकि इन इलाकों में रहने के चलते पुलिस की मुखबिरी का खतरा कम हो जाता है और उनकी लोकेशन भी नहीं मिलती, इसलिए यह बदमाशों के लिए सुरक्षित स्थान माना जाता है।
मामला ठंडा पड़ने पर बदमाश यहां से बाहर आते हैं। राजा पांडेय का नाम सामने आने के बाद से उसके गिरोह से जुड़े शूटर फरार हैं। पुलिस को राजा के शूटर नीरज बाल्मीकि की सरगर्मी से तलाश है। क्राइम ब्रांच के एक दरोगा और पांच सिपाही की एक टीम को चित्रकूट और सतना के जंगलों में शूटरों को खोजने के लिए भेजा गया है। एंटी डकैती सेल भी शूटरों को खोजने में क्राइम ब्रांच की मदद कर रही है।