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75 घंटे गुजरे मगर नहीं मिला है एक भी क्लू

Mon, 16 Jan 2017 01:57 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो इलाहाबाद
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 जीवन ज्योति हॉस्पिटल के निदेशक डॉ.एके बंसल का कत्ल हुए रविवार रात 75 घंटे हो गए लेकिन इस हाई प्रोफाइल वारदात की जांच में जुटी एसटीएफ और क्राइम ब्रांच को एक क्लू तक नहीं मिला है। हकीकत यह है कि जांच अंधेरे में चल रही है क्योंकि न मोटिव यानी वजह के बारे में पता चला है और न तो यह मालूम हो सका है कि दुश्मन कौन है? इसे जांच कर रही एसटीएफ की भी नाकामी कहा जाएगा कि सारे संसाधन के बावजूद वह कुछ नहीं पता लगा सकी।
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बृहस्पतिवार देर शाम करीब सात बजे बाई का बाग स्थित जीवन ज्योति हॉस्पिटल के ओपीडी चैंबर में डॉ.बंसल की गोलियां मारकर हत्या की जांच के लिए उसी रात लखनऊ से एसएसपी एसटीएफ अमित पाठक भी इलाहाबाद पहुंच गए थे। एसटीएफ की वाराणसी यूनिट से भी जांच में मदद ली जा रही है। जिला क्राइम ब्रांच के अलावा आईजी जोन और डीआईजी रेंज की भी सर्विलांस टीम छानबीन में जुटी है। घटना के विवेचक कीडगंज थाना प्रभारी मनोज त्यागी भी तहकीकात कर रहे हैं।  अब इसे जांच टीमों की नाकामी ही कहा जाएगा कि वे तीन दिन में एक सुराग तक नहीं खोज सकी हैं। बृहस्पतिवार रात से अब तक सौ से ज्यादा लोगों से पूछताछ हो चुकी है और मोबाइल फोन सर्विलांस का सहारा लिया जा रहा है लेकिन नतीजा सिफर है। एसटीएफ और क्राइम ब्रांच के अफसर कहते है कि कातिलों ने बेहद शातिराना ढंग से वारदात की है। और क्योंकि डॉ.बंसल के दुश्मनों की फेहरिश्त लंबी है इसलिए भी यह पता करने में समय लग रहा है कि आखिर किस दुश्मन ने यह हमला कराया। राजा पांडेय समेत कुछ अपराधी भी खुन्नस रखते थे इसलिए जांच बारीकी से हो रही है। ऐसे में खुलासा होने में कई दिन लग सकते हैं।

हजारों मोबाइल नंबर में एक संदिग्ध की तलाश
अब तक हत्याकांड में कोई भी सुराग नहीं मिलने से परेशान एसटीएफ घटना के वक्त यानी बृहस्पतिवार शाम छह से साढ़े बजे के बीच जीवन ज्योति हॉस्पिटल के के आसपास से हुए हजारों कॉल में संदिग्ध कॉल वाले मोबाइल नंबर की तलाश में है। यह बेहद जटिल काम है क्योंकि उस दौरान कई हजार कॉल हुए थे। एसटीएफ का मानना है कि शूटरों ने हॉस्पिटल में दाखिल होने से पहले और निकलने के बाद कॉल जरूर किए होंगे। यह भी संभव है कि हॉस्पिटल का कोई कर्मचारी भी शूटर का मुखबिर रहा हो। ऐसे में हो सकता है कि किसी कर्मचारी ने भी शूटर को कॉल किया हो। एसटीएफ की एक टीम हजारों कॉल को फिल्टर करने में जुटी है।
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