आयकर विभाग ने बृहस्पतिवार को कटरा में मारबल, टाइल्स, सिनेटरी वेयर एवं हार्डवेयर कारोबारी के आठ प्रतिष्ठानों पर सर्वे किया। इसके साथ करेली में एक डॉक्टर के निर्माणाधीन नर्सिंगहोम समेत पांच प्रतिष्ठानों पर सर्वे किया गया। कटरा में व्यापारी के प्रतिष्ठानों में सर्वे के दौरान स्टॉक में करोड़ों रुपये का घालमेल मिला, जबकि डॉक्टर के प्रतिष्ठानों पर जांच में मुनाफे के रिकार्ड में भारी अंतर मिला। इन प्रतिष्ठानों पर आयकर विभाग की कार्रवाई देर रात तक जारी रही।
प्रधान आयकर आयुक्त सुबचन राम के निर्देश पर कटरा के व्यापारी एवं करेली के डॉक्टर के प्रतिष्ठानों पर सर्वे के लिए अफसरों की अलग-अलग 13 टीमों भेजी गईं। दोपहर में सभी टीमों ने एक साथ कार्रवाई शुरू की। कटरा में केसरवानी ब्रदर्स, प्रशांत केसरवानी प्रतीक केसरवानी, नव निर्माण हार्डवेयर समेत आठ प्रतिष्ठानों पर सर्वे किया। टीमों के पहुंचते ही प्रतिष्ठान के मालिकों समेत वहां काम कर रहे कर्मचारियों में हड़कंप मच गया। पुलिस की मौजूदगी में टीमों ने प्रतिष्ठानों में किसी के भी बाहर निकलने पर रोक लगा दी। इसके बाद बिल, रजिस्टर आदि प्रपत्रों की जांच शुरू हुई। जांच के दौरान अफसरों को इन प्रतिष्ठानों में करोड़ों के स्टॉक में गड़बड़ी मिली। प्रतिष्ठानों से बड़ी मात्रा में कागज सीज किए गए।
उधर, आयकर विभाग की पांच टीमों ने करेली में नारायण स्वरूप हॉस्पिटल, निर्माणाधीन स्थल, समेत दो ठिकानों तथा हॉस्पिटल के संचालक का निर्माणकार्य देखने वाले ठेकेदार के सिविल लाइंस स्थित ठिकाने पर सर्वे किया। इन ठिकानों पर प्रपत्रों की जांच के दौरान मुनाफे के रिकार्ड में बड़ा अंतर सामने आया। काफी मात्रा में कच्चा हिसाब भी मिला। लाखों की खरीद-फरोख्त का कच्चा हिसाब डायरी में लिखकर रखा गया था। सभी प्रतिष्ठानों में देर रात तक कार्रवाई जारी रही।