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22.39 करोड़ के गबन के आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई के लिए पुलिस ने एक्सिस बैंक प्रबंधक से तीन दिन में 370 चेकों का ब्योरा मांगा है। 2013 से लेकर 2016 तक इन चेक से कब और कितनी रकम निकाली गई, यह जानकारी पेन ड्राइव के साथ-साथ हार्ड कापी में भी मांगी गई है। जांच के दौरान इन ट्रांजेक्शन को करने में इस्तेमाल किए गए कंप्यूटर भी सीज करने की तैयारी है। इनकी गहराई से जांच और एक्सपर्ट रिपोर्ट के लिए लखनऊ स्थित साइबर थाने भेजा जा सकता है।
इंस्पेक्टर सिविल लाइंस मनोज कुमार तिवारी ने सोमवार दोपहर एक्सिस बैंक प्रबंधक से एफआईआर के आधार पर वर्ष 2013 से लेकर 2016 तक शिक्षण संस्था से की गई 22.39 करोड़ रुपये की निकासी की विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। जिसमें 370 चेकों को प्रस्तुत करने से लेकर उनको पास करने और कैश देने का ब्योरा आदि शामिल है।
इसके अलावा जिन खातों में धनराशि जमा हुई, उन खातेदारों के नाम, पता, आईडी प्रूफ और उनको सत्यापित करने वाले अधिकारी कौन हैं, इसकी भी जानकारी मांगी गई है।
इंस्पेक्टर ने बताया कि पुलिस को बैंक की ओर से सिर्फ तहरीर मिली है। विस्तृत जांच के लिए इन अभिलेखों के साथ-साथ कंप्यूटरों से भी पड़ताल करनी होगी। आशंका है कि उनसे भी छेड़छाड़ की गई होगी, इसलिए उनको भी कब्जे में लेकर पुलिस के साइबर विभाग से एक्सपर्ट रिपोर्ट ली जाएगी। आरोपी कमाल एहसान और राजेश कुमार के पतों पर जानकारी करनी चाही तो उनसे संपर्क नहीं हो सका। आरोपियों के बयान लेने के लिए पुलिस की ओर से विधिक कार्रवाई में सर्च वारंट और समन भी जारी किए जाएंगे।