रास्ते के विवाद में गई महिला की जान
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छात्रसंघ चुनाव बीतने के बाद भी इलाहाबाद विश्वविद्यालय का माहौल शांत नहीं हो पा रहा है। सोमवार को उपाध्यक्ष पद प्रत्याशी रहे छात्रनेता पर परिसर के भीतर जानलेवा हमला किया गया। हॉकी-डंडों व असलहों से लैस होकर पहुंचे हमलावरों ने उसे जमकर पीटा। साथ ही उसकी गाड़ी में तोड़फोड़ की। भुक्तभोगी की ओर से थाने में तहरीर दी गई है।
भदोही का रहने वाला नितेश सिंह राजपूत इविवि में बीएएलएलबी का छात्र है। हाल ही में वह छात्रसंघ चुनाव में उपाध्यक्ष पद पर चुनाव भी लड़ चुका है। शहर में वह दरभंगा कॉलोनी में रहता है। सोमवार दोपहर ढाई बजे के करीब वह परिसर में प्रॉक्टर कार्यालय के पास स्थित कैंटीन में था। अचानक वहां हॉकी-डंडों से लैस होकर दर्जनों युवक पहुंच गए। इनमें से कुछ के हाथ में असलहे भी थे। आते ही युवकों ने नितेश पर हमला बोल दिया। हॉक-डंडों से उसे जमकर पीटा। साथ ही उसकी गाड़ी में भी तोड़फोड़ की। आसपास मौजूद छात्रों ने बीचबचाव किया तो हमलावर भाग निकले। सूचना पर पुलिस भी पहुंच गई। हमले में नितेश चोटिल भी हुआ। जानकारी मिली तो साथी पहुंच गए। इसके बाद नितेश ने कर्नलगंज थाने पहुंचकर तहरीर दी। उसका आरोप है कि हिंदू हॉस्टल में रहने वाले शशांक शेखर ने अपने 15 अज्ञात साथियों के साथ मिलकर उस पर हमला किया। कर्नलगंज इंस्पेक्टर सत्येंद्र सिंह ने बताया कि चुनावी रंजिश में ही वारदात को अंजाम दिया गया। यह भी पता चला है कि आरोपी युवक उपाध्यक्ष पद के ही एक प्रत्याशी का समर्थक है। तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज किया जा रहा है। आरोपी की तलाश की जा रही है।
दिनदहाड़े हुई घटना ने इविवि परिसर की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। विवि प्रशासन की ओर से परिसर में तमाम जगहों पर सुरक्षा के लिए तीन दर्जन से ज्यादा गार्ड तैनात किए गए हैं। इसके बावजूद हमलावरों ने असलहे लेकर परिसर में कैसे प्रवेश किया, यह लाख टके का सवाल है। यही नहीं वारदात को अंजाम देने के बाद वह आराम से भाग भी निकले, जिससे गार्डों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।