रेलवे पुलिस ने ट्रेनों में चोरी-लूट करने वाले गिरोह के चार बदमाशों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से लूटी गई दो अटैची, बैग, नगदी, मोबाइल और आठ किलो गांजा भी बरामद किया है। ये लंबी दूरी की ट्रेनों में टिकट लेकर चलते और यात्रियों के बैग-अटैचियां लूटकर भाग जाते थे। वे पहले भी जेल जा चुके थे।
जीआरपी थाना प्रभारी मनोज सिंह ने बुधवार रात एसएसआई केपी सिंह, विनोद कुमार मौर्या के साथ घेराबंदी कर चौरीचौरा एक्सप्रेस से इन चार अपराधियों को दबोचा। उनमें कसारी-मसारी खुल्दाबाद का 20 वर्षीय सचिन सिंह, सदियापुर करेली का 19 वर्षीय सुभाष निषाद, जौनपुर में बंधवा इलाके का 22 वर्षीय मोहम्मद सोनू तथा थरवई में बिधूना गांव का 20 वर्षीय रमेश सरोज है। इनके कब्जे से आठ किलो गांजा, दो मंहगे मोबाइल फोन, दो अटैची, चार बैग, पांच हजार रुपये नगद मिले। इन लोगों से पूछताछ में चोरी-लूट के 16 मुकदमों का अनावरण हुआ। इस गिरोह ने चोरी की दो सौ से ज्यादा घटनाएं कुबूली हैं।
वे मुंबई, दिल्ली, कोलकाता, कानपुर, हैदराबाद, रांची, बंगलुरू जैसी लंबी दूरी की ट्रेनों में टिकट लेकर बैठते और मौका पाकर यात्रियों के बैग-अटैची चुरा लेते। इनमें सोनू को रांची में रेलवे पुलिस दो बार चोरी में गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। सचिन को भी दो बार इलाहाबाद जीआरपी ने चोरी में गिरफ्तार किया। जेल से छूटकर वे फिर चोरी करने लगे। इधर कुछ समय से वे गांजा की तस्करी में भी लिप्त हो गए थे। इलाहाबाद में ये सभी एक साथ मीरगंज के रेड लाइट एरिया में मौजमस्ती के लिए रुकते थे।
पकड़े गए बदमाशों में एक मोहम्मद सोनू का इसी महीने विवाह होना था। शादी की तैयारी के लिए पैसों की खातिर उसने साथियों संग चोरी की घटनाओं में तेजी ला दी थी। मगर यही कारगुजारी उसके लिए घातक साबित हो गई। जीआरपी के हत्थे चढ़े सोनू और उसके साथियों को अब कई महीने जेल में रहना होगा।