मंझनपुर। अमरूद की बागवानी करने वाले दोआबा के बागवान इस साल अधिक पैदावार से मालामाल होंगे। पिछले साल की तुलना में इस वर्ष प्रति हेक्टेयर डेढ़ से दो मीट्रिक टन उत्पादन बढ़ने की उम्मीद है। पेड़ों में अच्छे व स्वस्थ फलों को देख बेहतर कमाई की उम्मीद को लेकर बागवान गदगद हैं।
अपने स्वाद और खुशबू के दम पर दोआबा का अमरूद हमेशा से सुर्खियों में रहा है। जायके से भरपूर दोआबा का सुरखा कश्मीर के सेब को मात देने में पीछे नहीं रहता है।
दूसरे नंबर पर प्रमुख अमरूद सफेदा के नाम से जाना जाता है। जिले में इस साल लगभग 12 सौ हेक्टेयर भूमि पर अमरूद की बागवानी की गई है। इस वक्त यहां का अमरूद देश की मंडियों में अपने जायके से लोगों को लुभाने के लिये तैयार है। बागवानों ने अमरूद की सप्लाई प्रदेश के अलावा देश के विभिन्न प्रांतों की प्रमुख मंडियों में करना शुरू करा दिया है।
बागवानों की मानें तो इस साल फल अच्छे आने से उनकी कमाई में इजाफा होना तय है। मिर्दहन का पूरा निवासी बागवान आमिर का कहना है कि पिछले साल की तुलना में इस बार डेढ़ से दो मीट्रिक टन प्रति हेक्टेयर पैदावार अधिक होने के आसार हैं। बढ़ी पैदावार से किसानों को अमरूद से भारी मुनाफा होना तय है। इसे लेकर बागवानों के चेहरे खिले हुए हैं।