शादी के आठ साल बाद पति का साथ छोड़ने वाली महिला का उसके प्रेमी ने ही खून कर दिया। तीन बच्चों के साथ भागकर नैनी आई सतपुड़ा चाकघाट सोहागी की रूपा को उसके प्रेमी ने ही धारदार हथियार से मार डाला। पता चला है कि वह बच्चों को ननिहाल पहुंचाने की जिद कर रही थी। इस बात को लेकर उत्पन्न हुए विवाद ने रूपा की जान ले ली। खून से लथपथ मां को देख बच्चों ने जीआरपी चौकी पहुंचकर घटना की जानकारी दी। आरोपी की तलाश की जा रही है।
नैनी रेलवे स्टेशन के परिसर में बने अस्थायी टिकट घर के एक कमरे में रूपा अपने प्रेमी राजू के साथ रहती थी। रूपा की शादी करीब 12 वर्ष पहले पनियारी में हुई थी। इन दोनों से तीन बच्चे पैदा हुए। इनमें करन (11), अर्जुन (09) और संदीप सात वर्ष का है। शादी के आठ साल बाद जब बच्चों की देखभाल की जिम्मेदारी बढ़ने लगी थी , तभी बीच रूपा की नजदीकी नारीबारी के रहने वाले राजू उर्फ लोहा से बढ़ी। राजू के साथ रूपा अपने तीनों बच्चों को लेकर नैनी भाग आई। राजू पिछले चार साल से नैनी रेलवे स्टेशन पर बन रहे एफओबी में ठेकेदार नागेंद्र प्रताप सिंह की देखरेख में मजदूरी करता था। राजू ने रूपा को भी मजदूरी में लगा दिया। रूपा तीनों बच्चों के साथ नैनी रेलवे स्टेशन परिसर में बने अस्थाई टिकटघर में रहने लगी।
जीआरपी की पूछताछ में पता चला है कि पिछले कई दिनों से राजू और रूपा के बीच बच्चों को ननिहाल छोड़ने को लेकर झगड़ा हो रहा था। रूपा अपने तीनों बच्चों को ननिहाल छोड़ना चाहती थी। यह बात राजू को नागवार गुजरी। कहा जा रहा है कि राजू के इस बात का डर था कि कहीं बच्चों को मायके भेजने के बाद रूपा भी उसका साथ छोड़कर न निकल जाए। इस बीच मकर संक्रांति पर रूपा ने अपनी बहन की बेटी सुषमा को भी अपने पास बुला लिया था। बुधवार को भोर में राजू ने कुल्हाड़ी से रूपा के गले पर वार कर उसकी हत्या कर दी और फरार हो गया। मां की चीख सुनकर बच्चे नींद से जग गए और भागते हुए जीआरपी चौकी पहुंचे और घटना की जानकारी दी। सूचना पर जीआरपी चौकी प्रभारी बीआर बिंद पहुंचे और रूपा के शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया। जीआरपी ने रूपा की बड़ी बहन प्रमिला पत्नी परम सुख निवासी गंगोत्री नगर को घटना की जानकारी दी। सूचना पाकर वह रोती बिलखती मौके पर पहुंच गई। प्रमिला की तहरीर पर जीआरपी ने आरोपी राजू उर्फ लोहा के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है।