फूलपुर कस्बे में रहने वाले सपा कार्यकर्ता मो. इश्तियाक की बुधवार दोपहर गोली मारकर हत्या कर दी गई। बाइक सवार चार हत्यारों ने एक के बाद एक छह गोलियां सिर, सीने और पेट में उतारकर उसे मौत के घाट उतार दिया। घटना से आक्रोशित लोगों ने जमकर बवाल किया। शव पुलिस चौकी के सामने रखकर रोड जाम कर दी गई। पुलिस वालों ने शव कब्जे में लेने का प्रयास किया तो भीड़ ने उन्हें खदेड़ दिया। रोडवेज बस, एंबुलेंस समेत दर्जनों वाहनों पर पथराव भी किया। सूचना पर एसपी, सीओ सहित कई थानों की फोर्स घटना स्थल पर पहुंची। कुछ देर बाद एसएसपी भी पहुंच गए और समझा बुझाकर लोगों को शांत कराया। एसएसपी का कहना है कि हत्या के पीछे प्रापर्टी का विवाद सामने आया है। इस मामले में मृतक के भाई की तहरीर पर सगे मामा समेत पांच लोगोें को नामजद करते हुए छह लोगों पर एफआईआर दर्ज कराई गई है। आरोपियों की तलाश की जा रही है।
पुलिस ने बताया कि इम्तयाज अहमद उर्फ सहजादे पुत्र मुश्ताक फूलपुर कस्बे के कर्नलगंज में रहता था। वह चार भाइयों में दूसरे नंबर का था और प्रापर्टी डीलिंग का काम करता है। कल्लू, सिराज और मेराज उसके तीन अन्य भाई हैं। सिराज का आरोप है कि बुधवार दोपहर में वह अपने भाई इम्तियाज और एक परिचित मो. वकील को साथ लेकर होंडा अमेज कार से इलाहाबाद जा रहा था। करीब 12.15 बजे सभी इफ्को के समीप वेदांता होटल के पास पहुंचे तो वहां लंबा जाम लगा हुआ था। बकौल सिराज, इस पर कार बाएं साइड खड़ी करके तीनों नीचे उतर गए और जाम खुलने का इंतजार करने लगे। इसी दौरान वहां दो बाइकों पर सवार होकर चार बदमाश पहुंचे। कोई कुछ समझ पाता, इससे पहले ही बदमाशों ने तीनों को निशाना बनाते हुए पिस्टल से फायरिंग शुरू कर दी। इस दौरान सिराज और वकील तो बच गए लेकिन इम्तियाज को एक के बाद एक छह गोलियां लगीं। आननफानन में लोग उसे लेकर इफको पुलिस चौकी के बगल स्थित एक निजी अस्पताल में पहुंचे। हालांकि तब तक बहुत देर हो चुकी थी। डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। सूचना पाकर परिजनों समेत बड़ी संख्या में आसपास के लोग जुट गए। सूचना पर एसओ सत्येंद्र सिंह फोर्स लेकर मौके पर पहुंच गए।
घटना को लेकर लोगों में जबरदस्त आक्रोश था। उन्होंने शव पुलिस चौकी के सामने रखकर चक्काजाम कर दिया। इससे सड़क के दोनों ओर वाहनोें की कतार लग गई। पुलिस ने शव कब्जे में लेने की कोशिश की तो लोग आक्रोशित हो उठे। उन्होंने न सिर्फ पुलिस वालों को खदेड़ा और पथराव भी किया। एक रोडवेज बस के अलावा मौके पर पहुंची 108 एंबुलेंस को भी क्षतिग्रस्त कर दिया गया। कई दर्जनों वाहन पथराव में क्षतिग्रस्त हो गए। भीड़ में शामिल उपद्रवियों ने राहगीरों से मारपीट की जिसमें दर्जनों लोग घायल हुए। एक अखबार के प्रतिनिधि का मोबाइल भी छीन लिया। हंगामा देख मौके पर सराय ममरेज, थरवई, बहरिया, सरायइनायत समेत अन्य थानों की फोर्स बुला ली गई। हालांकि भीड़ वहां से हटने को तैयार नहीं थी।
इसी दौरान पूर्व विधायक और सपा नेता विजमा यादव भी वहां पहुंची और लोगों को शांत कराने की कोशिश की। बहुत समझाने के बाद लोग माने और तब जाकर करीब ढाई बजे जाम खत्म कराकर पुलिस शव कब्जे में ले सकी। इसके बाद शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। फूलपुर एसओ सत्येंद्र सिंह ने बताया कि परिजनों ने पांच लोगोें अहमद, मोहम्मद शादाब, मनोज तिवारी, अहतशाम अहमद जैदी और अब्दुल सत्तार मंसूरी तथा एक अज्ञात के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है। यह सभी फूलपुर के ही रहने वाले हैं।
प्रॉपर्टी के विवाद में हत्या हुई है। मृतक प्रॉपर्टी डीलर था। प्रारंभिक जांच में संपत्ति का विवाद सामने आया है। मृतक के मामा अब्दुल सत्तार से जमीन और रुपये के लेनदेन का विवाद था। पुलिस जांच कर रही है और जल्द ही हत्यारे पकड़े जाएंगे।- आकाश कुलहरि, एसएसपी