फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कई बार बेची गई लड़की, होता रहा गैंगरेप

Sun, 07 Aug 2016 02:17 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
विज्ञापन
गैंगरेप
विज्ञापन
करीब छह महीने पहले झूंसी इलाके से अगवा 16 वर्षीय लड़की तीन रोज पहले किसी तरह भागकर घर पहुंची। उसकी दास्तां सुनकर परिजनों के होश उड़ गए। किशोरी को अगवा करने के बाद उसे सतना (मध्यप्रदेश) में रखकर लगातार उसके साथ सामूहिक बलात्कार किया गया। फिर उसे करेली और घूरपुर में अलग-अलग लोगों को बेचा गया, जहां किशोरी के साथ रेप होता रहा। किसी तरह चंगुल से छूटकर घर पहुंची किशोरी को परिजनों ने झूंसी थाने ले जाकर जानकारी दी। पुलिस की उदासीनता देख शनिवार शाम पीड़ित किशोरी को डीआईजी दफ्तर ले जाकर दुखड़ा रोया।  
विज्ञापन


यह किशोरी 20 फरवरी को घर से निकली थी, तभी उसे गांव का ही एक युवक कुछ लोगों की मदद से उठा ले गया था। तब से किशोरी के परिजन बेटी की तलाश में भटकते रहे। कई बार झूंसी थाने गए, लेकिन पुलिस ने कुछ नहीं किया। तीन रोज पहले लड़की घर पहुंची और मां से लिपटकर रोने लगी। उसकी दशा बता रही थी कि वह बेहद नारकीय हालात से गुजरी है। उसने गांव के एक युवक पर आरोप लगाया कि वह उसे अपने परिवार के लोगों की मदद से सतना ले गया, जहां एक मकान में रखकर कई दिन तक रेप किया। फिर उसे दूसरे घर ले गया, जहां तीन लोगों ने कई रोज तक सामूहिक बलात्कार किया। विरोध पर मारा-पीटा गया।

कुछ दिन बाद उसे बीस हजार रुपये में शहर में करेली के मदारीपुर में एक  व्यक्ति के हाथों बेच दिया गया। उस व्यक्ति ने करीब एक महीने तक बंधक बनाकर बलात्कार किया और विरोध पर यातना दी। मन भर गया तो उसने घूरपुर के पालपुर में एक व्यक्ति को बेच दिया। उस व्यक्ति ने अपने तीन साथियों संग पीड़ित लड़की के साथ लगातार बलात्कार किया। मौका पाकर उस नरक से निकली लड़की के परिजन उसे थाने ले गए मगर पुलिस ने केस नहीं लिखा। शनिवार को उसे डीआईजी रेंज दफ्तर ले जाया गया जहां पीड़ित ने दास्तां सुनाई। 
विज्ञापन


छह महीने तक दरिंदगी झेलने वाली लड़की के परिवार के साथ पैरवी कर रहे अधिवक्ता शशिरिष श्रीवास्तव के मुताबिक, बेटी के अपहरण के तीन रोज बाद थाने से टरकाए जाने पर पिता ने डीआईजी रेंज के पास जाकर फरियाद की थी। डीआईजी ने एफआईआर दर्ज करने के साथ ही कार्रवाई का आदेश दिया था, लेकिन उसकी भी झूंसी पुलिस ने अनदेखी कर दी। ऐसे में झूंसी के तत्कालीन थानेदार पर भी केस हो सकता है। लड़की के लौटने के झूंसी पुलिस ने डीआईजी के आदेश की काफी खोजबीन की लेकिन वह मिला नहीं। 
विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें