रास्ते के विवाद में गई महिला की जान
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धूमनगंज के मुंडेरा में बुधवार आधी रात घर के बाहर सो रहे फल विक्रेता मोहम्मद हारुन की बेकाबू ट्रक से कुचलकर मौत हो गई थी। ट्रक उनके घर में घुस गया था। बृहस्पतिवार को फल विक्रेता का शव पोस्टमार्टम के बाद घर पहुंचा तो एक बार फिर माहौल गमगीन हो गया। बिलखते परिजनों के आंसू देखकर स्थानीय लोग आक्रोशित हो गए। नाराज लोगों ने शव को जीटी रोड पर रखकर चक्काजाम कर दिया। इस दौरान आसपास की दुकाने बंद हो गई। कुछ अराजकतत्वों ने पथराव भी किया। हंगामे और चक्काजाम की सूचना पर सीओ सिविल लाइंस और धूमनगंज इंस्पेक्टर पहुंचे। पुलिस ने परिजनों को आर्थिक सहायता दिलाने का भरोसा देकर चक्काजाम खत्म कराया। तब जाकर जीटी रोड पर आधे घंटे बाद आवागमन शुरू हो सका।
मुंडेरा में जीटी रोड के किनारे कच्चा मकान बनाकर हारुन परिवार समेत रहता था। वह फल का ठेला लगाकर परिवार का भरण-पोषण करता था। अनहोनी की इस घटना से परिवार वालों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया। वही अकेले घर का इकलौता कमाने वाला था। चक्काजाम कर रहे लोगों की मांग थी कि मृतक के परिवार को 10 लाख रुपये मुआवजा, लोहिया ग्राम आवास योजना के तहत मकान दिया जाए। साथ ही क्षतिग्रस्त मकान की मरम्मत की जाए। सीओ आलोक मिश्र ने परिजनों को हरसंभव मदद का आश्वासन देकर मामला शांत कराया। तब जाकर परिजन अंतिम संस्कार को राजी हुए।
धूमनगंज के ट्रांसपोर्टनगर इलाके में बृहस्पतिवार दोपहर मनौरी के दिनेश चंद्र अपने प्लाट पर काम चल रहा था। आरोप है कि तभी मोहल्ले के दो लोग आए और मारपीट कर मजदूरों को भगा दिया। विरोध बमबाजी और पथराव किया। बगल स्थित फैक्ट्री के मजदूर शोरगुल सुनकर बाहर आए और मारपीट का विरोध किया तो आरोपियों ने उनके साथ भी मारपीट और बमबाजी। इंस्पेक्टर धूमनगंज केके यादव ने बताया कि तहरीर मिली है। जांच के बाद केस दर्ज होगा।
पुलिस महानिदेशक रेलवे के निर्देश पर पुलिस अधीक्षक रेलवे केपी सिंह के नेतृत्व में 1 जनवरी 2016 से 15 जुलाई के बीच आपरेशन मुस्कान चलाया गया। इस आपरेशन के तहत बिछड़े बच्चे को उनके घर तक पहुंचाने का लक्ष्य था। जीआरपी ने अभियान के तहत 1774 बच्चों को उनके घरवालों से मिलाया।
एसपी केपी सिंह ने बताया कि कानपुर में 392, फतेहपुर में 12, इलाहाबाद में 444, मिर्जापुर 14, वाराणसी 558, मुगलसराय में 427, जौनपुर में 2 बच्चों को जीआरपी ने बरामद किया। कुल 1849 बच्चों को आपरेशन मुस्कान के तहत जीआरपी ने बरामद किया। इनमें से 1774 बच्चों को सकुशल जीआरपी ने उनके घर तक पहुंचाकर परिजनों से मुलाया। जबकि 75 बच्चे बाल संरक्षण गृह में हैं।