चार वर्ष पहले शांति मार्च के दौरान प्रदर्शनकारियों पर गोली चलवाने के मामले में नामजद शुआट्स के पूर्व वीसी आरबी लाल, निदेशक (प्रशासन) रहे विनोद बी लाल समेत चार पदाधिकारियों पर दर्ज मामले की फाइल फिर से खुल गई है। एसएसपी आकाश कुलहरि ने पूरे प्रकरण की अग्रिम अग्रिम विवेचना कराए जाने की संस्तुति की है। प्रभारी निरीक्षक नैनी इसकी नए सिरे से विवेचना करेंगे। इससे पहले घटना के चार महीने बाद ही पुलिस ने इस मामले में फाइनल रिपोर्ट लगा दी थी।
धर्मांतरण के अलावा एग्रीकल्चर के नाम पर अवैध संपत्तियां बनाने के विरोध में वर्ष 2014 में शुआट्स के यीशु गेट पर शांति पूर्ण तरीके से प्रदर्शन करने वालों पर गोली चलवा दी गई थी। तब तत्कालीन डीएम के निर्देश पर प्रदर्शनकारियों पर गोली चलवाने के मामले में उन दिनों शुआट्स के वीसी रहे आरबी लाल, प्रो-वीसी और तत्कालीन निदेशक (प्रशासन) विनोद बी लाल, सिक्योरिटी इंचार्ज रहे एसबी सिंह और जन संपर्क अधिकारी रहे रमाकांत दुबे के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था। सत्ता के गलियारे में आरबी लाल की पहुंच के चलते तब इस मामले में चार महीने बाद ही फाइनल रिपोर्ट लगाकर फाइल बंद कर दी गई थी।
दो दिन पहले उस प्रदर्शन में शामिल रहे भाजपा नेता राणा यशवंत प्रताप सिंह ने इस मामले में एसएसपी आकाश कुलहरि से मुलाकात कर इस मामले की फिर से फाइल खुलवाने और पुन: विवेचना कराकर न्याय दिलाने की गुहार लगाई थी। एसएसपी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए इस मामले की अग्रिम विवेचना करने की संस्तुति कर दी है। एसएपी ने प्रभारी निरीक्षक नैनी को इस अभियोग से संबंधित सभी अभिलेखों को प्राप्त कर नवीन साक्ष्यों, तथ्यों का संकलन करते हुए निस्तारण करने का निर्देश दिया है।