एसटीएफ ने सोमवार को इलाहाबाद राज्य विश्वविद्यालय की बीए और बीएससी की परीक्षा में उड़ाका दल द्वारा रिश्वतखोरी के मामले का पर्दाफाश किया है। एसटीएफ ने उड़ाका दल के चार लोगों को 80 हजार रुपये के साथ गिरफ्तार कर लिया। गंगापार के सिकंदरा स्थित कालेज के प्रबंधक ने राज्य विवि के वीसी से सुबह शिकायत की थी। इसके बाद शासन को सूचना देकर एसटीएफ को लगा दिया गया था।
इलाहाबाद राज्य विश्वविद्यालय की परीक्षा में सोमवार को बीए के संस्कृत और बीएससी के जंतु विज्ञान विषय का पेपर था। सुबह करीब साढ़े नौ बजे सिकंदरा स्थित राधा रमण मिश्र पीजी कालेज में उड़ाका दल के लोग पहुंच गए। वहां दो लड़कियों को नकल करते पकड़ा गया और दोनों को रेस्टिकेट कर दिया गया। प्रबंधक रावेंद्र कुमार मिश्रा का आरोप है कि इसके बाद उड़ाका दल के लोगों ने 30 हजार रुपये रिश्वत मांगी।
कहा कि अगर पैसे नहीं दिए तो कॉलेज को नकल में डिबार कर दिया जाएगा। किसी तरह से पंद्रह हजार रुपये पर बात तय हो गई। इसी बीच प्रबंधक ने राज्य विवि के कुलपति को फोन कर जानकारी दे दी। कुलपति ने कहा कि वह नोटों का नंबर नोट कर उन्हें रकम दे दें। इसके बाद शासन में बात की गई। एसटीएफ को तुरंत इस मामले में लगाया गया। एसटीएफ की टीम दोपहर तीन बजे कालेज पहुंच गई।
कालेज प्रबंधन के लोगों को साथ में लेकर उड़ाका दल के सदस्यों की खोजबीन शुरू हुई। सहसों में एक चार पहिया में सवार उड़ाका दल के सदस्य मिल गए। तलाशी में 80 हजार रुपये कैश बरामद हुए। राधा रमण मिश्र पीजी कालेज से जो 15 हजार उन्होंने लिए थे, वह भी बरामद हो गए। नोटों के नंबर का मिलान भी कर लिया गया। बहरिया थाने में कालेज के प्रबंधक रावेंद्र मिश्रा के भाई ज्ञानेंद्र मिश्रा की तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज कर ली गई। एसटीएफ के अधिकारियों के मुताबिक पता किया जा रहा है कि आरोपियों के पास से जो 80 हजार बरामद हुए हैं, वह किन-किन कालेजों से लिए गए हैं। सबकी जांच की जाएगी।