इलाहाबाद। धूमनगंज पुलिस और एसटीएफ की संयुक्त टीम ने सूबेदारगंज रेलवे स्टेशन के पास घेराबंदी कर असलहों के धंधे से जुड़े चार लोगों को गिरफ्तार कर लिया। उनके कब्जे से सात पिस्टल और दो तमंचे बरामद हुए। इनमें दो सगे भाई प्रतापगढ़ के रहने वाले हैं जबकि एक जौनपुर और चौथा आरोपी अमेठी का रहने वाला है। यूपी और उत्तराखंड में असलहों की सप्लाई करने वाला मुख्य व्यक्ति अभी पकड़ में नहीं आ सका।
एसटीएफ के डीएसपी प्रवीण सिंह चौहान के नेतृत्व में उपनिरीक्षक अजय सिंह मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर कई दिनों से असलहों की सप्लाई करने वाले अपराधियों की तलाश में जुटे थे। मंगलवार रात मिली सटीक जानकारी पर अजय सिंह समेत एसटीएफ उपनिरीक्षक श्रीनिवास यादव, केसी राय, अतुल सिंह ने धूमनगंज थाना प्रभारी महेंद्र सिंह देव के साथ सूबेदारगंज रेलवे स्टेशन के पास घेरकर चार अपराधियों को दबोच लिया। उनकी तलाशी में प्वाइंट नाइन एमएम के दो पिस्टल, प्वाइंट 32 के चार पिस्टल, दो तमंचा और मरम्मत के उपकरणों के साथ एक पिस्टल जब्त की गई।
उन्हें धूमनगंज थाने ले जाकर पूछताछ की गई। पकड़े गए लोगों में प्रतापगढ़ के मांधाता इलाके के शेखनपुर गांव का हजरत अली उर्फ नाहिद, उसका छोटा भाई राशिद अली, अमेठी के मंगरा पीपरपुर गांव का आशुतोष दुबे और जौनपुर के पुरानी चौक थाना शाहगंज मोहम्मद अहमद शामिल है। इनमें राशिद पढ़ाई के लिए इलाहाबाद के बेली इलाके में किराए पर कमरा लेकर रहता था। पुलिस अभी बाराबंकी के मूल निवासी हाफिज को नहीं पकड़ सकी है। अब वह मुरादाबाद तथा देहरादून में टिककर असलहों के धंधे से जुड़ा है।
पूछताछ के बाद पुलिस का कहना है कि इस गिरोह का सरगना हाफिज ही है। वह नाहिद और अहमद के साथ मध्य प्रदेश के खंडवा और बिहार के मुंगेर से पिस्टल लाकर यूपी के अपराधियों को बेचता रहा है। ये लोग मुरादाबाद, मेरठ, अलीगढ़, आगरा, शाहजहांपुर, लखनऊ, इलाहाबाद, मिर्जापुर, वाराणसी समेत यूपी के तमाम जिलों में खंडवा और मुंगेर से लाकर पिस्टल बेच चुके हैं। पश्चिमी यूपी में इन अवैध असलहों के ज्यादा पैसे मिलते हैं। इनमें हाफिज, नाहिद और अहमद के खिलाफ प्रतापगढ़ समेत कई जिलों में चोरी और ट्रक लूट जैसे संगीन वारदातों के मुकदमे दर्ज हैं। अमेठी का आशुतोष पहली बार पकड़ा गया है। बरामद दो पिस्टल पंचायत चुनाव के मद्देनजर प्रतापगढ़ में दो लोगों ने मंगाई थी। चुनाव के दौरान लोगों को धमकाने में पिस्टल का इस्तेमाल किया जाना था।
पकड़े गए लोगों में एक राशिद अली प्रतापगढ़ से इलाबाद आया तो पढ़ाई के लिए मगर असलहों की खरीद-बिक्री करने वाले अपने भाई नाहिद की संगत में बिगड़ गया। वह भी अवैध हथियारों की बिक्री में जुड़ गया। धंधे से जुड़े लोग उसके ही कमरे में आकर टिकते रहे। राशिद को हथियारों का शौक इस कदर चढ़ गया है कि उसने अपनी फेसबुक टाइमलाइन में भी हथियारों की कई तस्वीर अपलोड की है।