शियाट्स में हुए बवाल के मामले में नामजद पूर्व सांसद अतीक अहमद को आखिरकार शनिवार को नैनी पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। हाईकोर्ट के सख्त रुख के बाद अतीक शनिवार को खुद ही नैनी थाने में बयान दर्ज कराने पहुंचे थे। वहीं पुलिस ने अतीक को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया, जहां से उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में नैनी सेंट्रल जेल भेज दिया गया। समर्थकों की भीड़ के चलते कचहरी में पुलिस बल मुस्तैद रहा।
14 दिसंबर को शियाट्स परिसर में मारपीट और डकैती के मामले में पूर्व सांसद अतीक अहमद समेत कई लोगों को नामजद किया गया था। उसी मामले में बयान दर्ज कराने के लिए शनिवार दोपहर अतीक अहमद खुद थाने पहुंचे थे। पुलिस ने उन्हें नोटिस जारी कर बयान दर्ज कराने को कहा था। उनके पहुंचते ही इंस्पेक्टर अवधेश प्रताप सिंह ने इस बारे में पुलिस अफसरों को सूचना दी। अफसरों के निर्देश पर थाने में अतीक को गिरफ्तार कर लिया गया। सीओ करछना अलका भटनागर के साथ एसपी यमुनापार एके राय भी कोतवाली पहुंच गए।
पुलिस की गाड़ी में बैठाकर अतीक को कचहरी ले जाया गया। वहां उन्हें एसीजेएम 7 की कोर्ट में पेश किया गया। कोर्ट ने सुनवाई के बाद अतीक को 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में लिए जेल भेज दिया। इससे पहले अतीक ने अदालत को वकीलों के जरिए अर्जी दी कि वह हाईकोर्ट के समक्ष पेश होकर अपनी बात रखना चाहते हैं। इस दौरान कचहरी में बड़ी संख्या में उनके समर्थक पहुंच गए थे। हंगामे की आशंका पर अधिकारियों ने पीएसी और कई थानों की फोर्स बुला ली। कड़ी सुरक्षा में उन्हें नैनी जेल पहुंचाया गया।
शियाट्स में हुए बवाल के मामले में अन्य आरोपी तो गिरफ्तार होते गए लेकिन पुलिस अतीक अहमद पर हाथ नहीं डाल पाई थी। उनके घर पर बयान के लिए पुलिस कई बार पहुंची लेकिन एक बार भी वह नहीं मिले थे। यहां तक कि उनके खिलाफ नोटिस भी जारी किया गया था। दूसरी ओर हाईकोर्ट ने पिछली दो सुनवाई के दौरान बेहद सख्त रुख अपना लिया था। ऐसे में माना जा रहा था कि अब अतीक के लिए कानूनी कार्रवाई बचना नामुमकिन है। दो दिन पहले अतीक ने कोर्ट में सरेंडर एप्लीकेशन भी डाली थी जिसकी सुनवाई पर हाईकोर्ट ने रोक लगा दी थी।