पूर्व सांसद अतीक अहमद के एक और गुर्गे के खिलाफ पुलिस ने शिकंजा कसा है। डीजीपी के आदेश पर गुरुवार को चकिया के मो. नसरत उर्फ नसत और उसके चार अज्ञात साथियों के खिलाफ हत्या के प्रयास, घर में तोड़फोड़ और लूट का मुकदमा दर्ज कराया गया। घटना एक महीने पहले की है। नसरत को अतीक के बेहद करीबी प्रापर्टी डीलरों में शुमार किया जाता है।
दारागंज के बख्शीखुर्द के रहने वाले प्रापर्टी डीलर एहतशाम हुसैन ने नसरत और उसके चार साथियों के खिलाफ धारा 307, 392, 147, 452, 323, 504, 506 और 427 के तहत गुरुवार को रिपोर्ट दर्ज कराई। एहतशाम की तहरीर के मुताबिक वह रिश्ते में नसरत का भांजा लगता है। 2003 में नसरत ने अपने भाई मो. मुस्लिम के पक्ष में मुख्तारनामा किया था जिसका एहतशाम गवाह था। बाद में नसरत और उसके भाई मो. मुस्लिम के बीच संबंध खराब हो गए। पिछले महीने 14 मई को नसरत और उसके चार साथी एहतशाम के घर पहुंचे। सभी हथियारों से लैस थे। उन्होंने धमकी देते हुए कहा कि कोर्ट में मुख्तारनामा के समय दी गई गवाही से वह पलट जाए और कह दे कि हस्ताक्षर और अंगूठा फर्जी लगा है। एहतशाम ने इससे इनकार कर दिया तो नसरत ने रिवाल्वर निकालकर उसे जान से मारने की धमकी दी। उसके साथ आए लोग घर में तोड़फोड़ करने लगे। उसे असलहों की बट से मारने लगे तो परिजन शोर मचाने लगे। इतने में बाहर भीड़ इकट्ठी हो गई। भीड़ देखकर नसरत ने रिवाल्वर से उस पर गोली चला दी लेकिन वह झुक गया, जिसके कारण गोली बगल से निकल गई। जाते-जाते उसने सोने की चेन छीनते हुए धमकी दी कि उसे जल्द ही किसी मुकदमे में फंसा दिया जाएगा। यह कहकर वे तमंचे लहराते हुए भाग निकले।
एहतशाम घटना की सूचना देने दारागंज पहुंचा लेकिन एफआईआर नहीं दर्ज की गई। उसने पुलिस से बताया कि नसरत पूर्व सांसद अतीक अहमद का करीबी है। उसके साथ कोई भी घटना हो सकती है। परिवारवाले डर के मारे घर से बाहर नहीं निकल रहे हैं लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई। यहां सुनवाई नहीं हुई तो एहतशाम लखनऊ जाकर डीजीपी सुलखान सिंह से मिला। पूरी बात सुनने के बाद डीजीपी ने एसएसपी आनंद कुलकर्णी को इस मामले में कार्रवाई के निदेश दिए। इसके बाद गुरुवार को नसरत और उसके साथियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई।
अतीक अहमद और उनके खास लोगों पर पुलिस ने कार्रवाई शुरू कर दी है। गुरुवार को उनके करीबी मो. नसरत के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज हुई है। उससे पहले उमेश पाल ने अतीक, अशरफ समेत गिरोह के करीब 50 लोगों के खिलाफ धमकी और हमले की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। करीब दो हफ्ते पहले कर्नलगंज में अतीक के एक गुर्गे के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ था। इसके अलावा धूमनगंज और खुल्दाबाद पुलिस ने कई करीबियों के खिलाफ गुंडा एक्ट की कार्रवाई की है।
--दारागंज के एक व्यक्ति की तहरीर पर एफआईआर की गई है। सीओ दारागंज को मामले की जांच दी गई है। विवेचना के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। आनंद कुलकर्णी, एसएसपी इलाहाबाद।