ब्हाइटनर लगाकर दरोगा भर्ती का फर्जी नियुक्ति पत्र देकर कई करोड़ रुपये कमाने वालों के खिलाफ क्राइम ब्रांच ने थाना फूलपुर में चार लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करा दिया है। जिसमें 27 लोगों से पांच-पांच लाख रुपये लेने की पष्टि हुई है। इलाहाबाद में जांच के दौरान इस खुलासे के बाद डीजीपी ने प्रदेश के सभी जिलों में इस तरह की लंबित जांच को जल्दी ही पूरा कराके कार्रवाई के आदेश सभी जोन के आईजी और एडीजीपी को दिए हैं।
2013 में दरोगा भर्ती के दौरान प्रदेश के अधिकांश जिलों में फर्जी नियुक्ति पत्र देने वाले गिरोह सक्रिय हो गए थे। उन्होंने लोगों से पांच से लेकर 10 लाख रुपये लेकर शासन के प्रमुख सचिव गृह और डीजीपी के पद नाम से फर्जी नियुक्ति आदेश जारी किए थे। सूची आदेश में संशोधन व्हाइटनगर लगाकर किया गया था। जिसके आधार पर इलाहाबाद सहित प्रदेश के कई जिलों में उनके चरित्र का सत्यापन कराकर ज्वाइनिंग की प्रक्रिया शुरू करा दी गई थी। 2016 में यह खुलासा हुआ कि पूर्व में जारी आदेश फर्जी था। नया आदेश जारी करके फर्जी आदेश को शून्य घोषित करते हुए नियुक्ति रद्द कर दी गईं थीं।
तीन महीने पहले दरोगा भर्ती फर्जीवाड़ा में पांच से दस लाख रुपये गवां चुके युवाओं ने प्रदेश के अधिकांश जिलों से मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ को शिकायती पत्र भेजे थे। जिनकी क्राइम ब्रांच की विशेष टीम से जांच कराई गई। उनमें से इलाहाबाद की शिकायत सही पाई गई, जिसमें 27 लोगों से पांच - पांच लाख रुपये लेने के आरोप सही पाए गए हैं। उसी आधार पर चार लोगों के खिलाफ मुूकदमा दर्ज करा दिया गया है।
फूलपुर कोतवाली क्षेत्र के अमोलवा गांव के रहने वाले लाल जी सिंह पुत्र इकबाल बहादुर सिंह की ओर से गुलाब चंद्र यादव ग्राम सराय रूस्तम थाना मुंगरा बादशाहपुर जौनपुर , प्रभा शंकर यादव निवासी देवली थाना फूलपुर, एवं राम चंद्र यादव निवासी हीरामनपुर थाना सरायममरेज व आजाद उर्फ रियाजुद्दीन निवासी नीमी थरिया थाना सरायममरेज के खिलाफ धारा 419,420,467,468,471,506 आईपीसी के तहत रिपेार्ट दर्ज करा दी गई है।
‘इस मामले में विस्तृत जांच के बाद ही रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। अब इन चारों के खिलाफ गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रहीं हैं। दूसरे शहरों को भी दबिश के लिए टीम भेजी गईं हैं।’ ब्रजेश कुमार मिश्र, एसपी क्राइम