प्रदेश के सभी अस्पतालों में सरकार विभिन्न दवाएं मुफ्त में दे रही हैं।
औषधि प्रशासन विभाग ने शुक्रवार को लीडर रोड और स्वरूपरानी नेहरू (एसआरएन) चिकित्सालय के पास दवा की दुकानों पर छापेमारी की। जांच में दुकानों पर एक्सपायर दवाएं मिलीं। दुकानों में ना ही फार्मेसिस्ट मिले और ना ही रिकार्ड मेंटेन किया गया था। एसआरएन चिकित्सालय के पास छापेमारी के दौरान दुकानदारों की अफसरों से झड़प भी हुई।
दवा की दुकानों पर गड़बड़ी की सूचना लगातार औषधि प्रशासन विभाग को मिल रही थी। इसी के चलते शुक्रवार को यहां दूसरे जिलों की टीम पहुंची हुई थी। सहायक आयुक्त शशि मोहन गुप्ता, केजी गुप्ता की अगुवाई में गाजियाबाद, उन्नाव, सोनभद्र और प्रतापगढ़ के इंस्पेक्टरों की टीम ने छापेमारी की। पहले लीडर रोड पर दवा की चार दुकानों जेके फार्मा, मेडिसिन डिस्ट्रीब्यूटर, राज फार्मा, मिरान केमिस्ट पर छापा मारा गया। यहां से कई दुकानों से नमूने लिए गए। रिकार्ड में गड़बड़ी पाई गई। फिर टीम एसआरएन पहुंची। यहां चार दुकानों उमा केमिस्ट, यादव केमिस्ट, सुशीला मेडिकल स्टोर और एमलाल एवं एम बदर्स पर छापेमारी हुई। इन दुकानों पर कई गड़बड़ियां मिली।
दो दुकानों पर फार्मेसिस्ट नहीं पाए गए। रिकार्ड भी अधूरा मिला। उपभोक्ताओं को बिल भी नहीं दिया जा रहा था। दुकानों पर एक्सपायर दवाएं भी मिली। टीम ने 15 दवाओं के नमूने भी लिए हैं। केजी गुप्ता ने बताया कि जिन दुकानों पर एक्सपायर दवाएं और अन्य कमियां मिलीं हैं, उन्हें नोटिस जारी किया गया है। जवाब न मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।
एसआरएन चिकित्सालय के करीब दवा की दुकानों से लगातार शिकायतें मिल रही थीं। चिकित्सालय में आने वाले मरीज शिकायत करते हैं कि जानकारी के अभाव में उन्हें गड़बड़ दवाएं दे दी जाती हैं। इसको लेकर कई बार दुकानदारों से विवाद भी हो चुका है।