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कंपनी व एजेंसी के बीच शक की सुई

Sat, 23 Jul 2016 01:50 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो/कानपुर
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चमन के साथ हुई लूट के मामले में शुक्रवार को घटनास्‍थल पर पहुंचकर एसपी पूर्वी सोमेन बर्मा और सीओ क्राइम विवेक त्रिपाठी ने जांच-पड़ताल की। - फोटो : amarujala
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श्यामनगर डी ब्लाक में गुरुवार को हुई शूट एंड लूट पूरी तरह रेकी करने और सारी जानकारी जुटाने के बाद की गई। लूट के लिए बदमाशों ने 21 जुलाई का दिन ही तय कर रखा था। पुलिस की पूछताछ में श्रीराम कंपनी के अधिकारियों ने बताया कि हर माह की 6 और 21 तारीख को 30 से 40 लाख तक की रकम एजेंटों के माध्यम से बैंकों तक पहुंचाई जाती थी।
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इस बार 6 जुलाई को कंपनी का दफ्तर भीड़ भाड़ वाले इलाके रामादेवी से श्यामनगर में शिफ्ट हुआ है। लिहाजा 6 के बाद पहली मर्तबा 21 जुलाई को पहली बड़ी रकम कंपनी से रवाना की जानी थी। लुटेरों को यह मालूम था।  सब कुछ उनके प्लान के मुताबिक हुआ।  

 
तय तारीख पर वारदात होने से पुलिस के शक की सुई श्रीराम कंपनी और रेडिंयंट कैश मैनेजमेंट के कर्मचारियों पर भी है। साफ है कि इतनी बड़ी रकम के निकलने की जानकारी सिर्फ श्रीराम और रेडियंट के अधिकारियों और कर्मचारियों को ही होती है। बाहर खड़े लुटेरों को कैसे रकम की जानकारी हुई।
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इसको जानने के लिए पुलिस ने दोनों दफ्तरों के कुछ लोगों के नंबरों को सर्विलांस पर भी लगा रखा है। पुलिस लखनऊ स्थित कैश मैनेजमेंट एजेंसी के अफसरों से संपर्क कर रही है।

बृजेश की हालत बिगड़ी
श्यामनगर शूट एंड लूट कांड के पीड़ित बृजेश की हालत बिगड़ने लगी है। गोली अभी भी बृजेश की पीठ में फंसी है। हैलट के डॉक्टरों का कहना है कि अभी आपरेशन नहीं किया जा सकता क्योंकि बृजेश की मेडिकल रिपोर्ट ठीक नहीं आई हैं। रिपोर्ट ठीक होने के बाद ही आपरेशन संभव है। वहीं पुलिस को आपरेशन का इंतजार है, ताकि बृजेश से कोई सुराग हाथ लग सके।


नहीं लगी थी नंबर प्लेट
प्रत्यक्षदर्शियों ने पुलिस को बताया  कि गोली मारने वाले लुटेरों की बाइक पर पीछे कोई नंबर प्लेट भी नहीं थी।

वैन लेकर क्यों नहीं आया अनुज 
20 से 22 लाख की रकम देख एजेंटों ने एजेंसी के वैन चालक शास्त्रीनगर निवासी अनुज को फोन किया था, लेकिन अनुज ने जब देर से आने की बात कही तो बैंक बंद होने की शंका पर दोनों एजेंट खुद ही कैश लेकर निकल पड़े।

पुलिस पता लगा रही है कि 21 तारीख को ही आखिर ऐसी कौन सी मजबूरी अनुज के सामने आई कि वह वैन लेकर नहीं आ सका। सूत्रों की माने तो पुलिस अधिकारियों ने अनुज से न सिर्फ पूछताछ की 

इन शातिरों की तलाश 
वारदात का खुलासा करने के लिए पुलिस ने शातिर अपराधियों की सूची और उनकी लोकेशन खंगालना शुरू कर दिया है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक  शक की सुई मनोज पट्टू गैंग के सिंकू गुप्ता और डीआईजी के स्टेनो डीएन शुक्ला से लूट में गिरफ्तार शुक्लागंज के सूरज पर भी है।

दोनों हाल ही में जेल से बाहर आए हैं। सिंकू लखनऊ का शातिर लुटेरा है, और उस पर लखनऊ पुलिस ने इनाम भी रखा हुआ है। क्राइम ब्रांच की एक टीम लखनऊ भी गई हुई है।  

खुल गई चौकी कैमरे की ली सुध
अक्सर बंद रहने वाली रेलबाजार थाने की सुजातगंज चौकी शुक्रवार को पूरे दिन खुली रही। इसके अलावा जिस स्थान पर एजेंट बृजेश को गोली मारकर लूटा गया, वहां लगे कैमरे को भी देखने पुलिस पहुंची। पुलिस ने  घटना के प्रत्यक्षदर्शियों से पूछताछ की और व्यापारियों को भरोसा दिलाया कि जल्द ही बंद पड़े कैमरों को ठीक भी कराया जाएगा।
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