इलाहाबाद। नैनी के दक्षिणी लोकापुर में बृहस्पतिवार को पिता-पुत्र हरिश्चंद्र और महेंद्र के दोहरे हत्याकांड के खुलासे के करीब पहुंच चुकी है। पिता-पुत्र की हत्या सहजन तोड़ने से रोकने के बाद हुए विवाद में हत्या की बात सामने आ रही है। सहजन तोड़ने से रोकने पर आरोपी धमकी देकर चले गए थे। इसके दो घंटे बाद आधा दर्जन की संख्या में असलहा लेकर आए और हत्या कर फरार हो गए। पुलिस ने पूछताछ के बाद जिन लोगों का नाम सामने आया है। उनमें से दो को उठा लिया है। अन्य आरोपियों की तलाश में दबिश दे रही है। पुलिस कुछ ही घंटों में इस हत्याकांड का खुलासा कर देगी।
दक्षिणी लोकापुर के किसान हरिश्चंद्र कुशवाहा के बाग से बृहस्पतिवार सुबह कुछ लोग सहजन तोड़ रहे थे। इस पर हरिश्चंद्र ने मना किया था। जिस पर सहजन तोड़ रहे युवक देख लेने की धमकी देकर चले गए थे। इसके बाद दो घंटे बाद लगभग साढ़े दस बजे हरिश्चंद्र अपने दो बेटों महेंद्र और आशीष के साथ खेत की ओर गए थे। तभी आधा दर्जन की संख्या में असलहों से लैस होकर हमलावर आए दोबारा सहजन तोड़ने लगे।
हरिश्चंद्र बेे महेंद्र और आशीष के साथ उनका विरोध करने पहुंचे। इस पर सहजन तोड़ रहे युवक गालीगलौज करते हुए अंधाधुंध फायरिंग करने लगे। हरिश्चंद्र और महेंद्र गोली लगते ही जमीन पर लहूलुहान होकर गिर पड़े। यह देखकर आशीष भागा तो उसे भी पीछे से गोली मार दी गई। वह गिर गया। इसके बाद तमंचा लहराते हुए भाग निकले। तीनों घायलों को अस्पताल ले जाया गया तो हरिश्चंद्र और महेंद्र को मृत घोषित कर दिया गया। दोहरे हत्याकांड से गांव में सनसनी फैल गई।
आईजी, डीआईजी, एसएसपी समेत अन्य आलाधिकारी मौके पर पहुंच गए। इस मामले में भाई ने जमीन के विवाद और तात्कालिक वजह सहजन तोड़ने के विवाद में हत्या का आरोप लगाते हुए तहरीर दिया था। जांच जुटी पुलिस ने सहजन तोड़ने के विवाद पर जांच शुरू की तो हत्याकांड के राज खुलने लगे। पुलिस ने दो आरोपियों को उठा लिया है। लेकिन नैनी पुलिस इंकार कर रही है। एसपी यमुनापार नीरज पांडेय ने बताया कि दोहरे हत्याकांड की वजह तात्कालिक है। पुलिस काफी हद तक सफलता मिल चुकी है। जल्द ही हत्याकांड का खुलासा कर दिया जाएगा। हत्याकांड में जिन लोगों का नाम सामने आया है। उनका कोई आपराधिक इतिहास नहीं है। वे शराब के नशें में थे।
पिता-पुत्र की गोली मारकर हत्या से आक्रोशित ग्रामीणों ने शुक्रवार शाम अरैल मोड़ पर शव रखकर चक्काजाम कर दिया। नाराज लोग आरोपियों की 24 घंटे के भीतर आरोपियों की गिरफ्तारी और परिजनों को पचास लाख मुआवजा दिए जाने की मांग कर रहे थे। चक्काजाम से सड़क के दोनों वाहनों की लंबी कतार लग गई। सूचना पर भारी संख्या में पुलिस पहुंच गई। एसपी यमुनापार और एसडीएम करछना ने समझाबुझाकार जाम खुलवाया।
शुक्रवार को दो डॉक्टरों के पैनल ने वीडियोग्राफी के बीच हरिश्चंद्र और महेंद्र के शव का पोस्टमार्टम हुआ। हरिश्चंद्र को दो गोली मारी गई थी। एक गोली पीछे से कंधे को चीरते से हुए सामने सीने से निकल गई थी। दूसरी गोली गले के नीचे लगी थी और आरपार हो गई थी। महेंद्र के सिर में पीछे से गोली लगी थी। गोली डॉक्टरों ने बरामद की है। जो .32 बोर की थी। पोस्टमार्टम के बाद परिजन शव लेकर गांव के लिए चले। सैकड़ों की संख्या में नाराज ग्रामीणों और परिजनों ने शव रखकर अरैल मोड़ पर चक्काजाम कर दिया।
लोगों के आक्रोश हंगामें के चलते सड़क के दोनों लंबा जाम लग गया। आक्रोशित ग्रामीण पुलिस के खिलाफ नारेबाजी कर रहे थे। सूचना पाकर एसपी यमुनापार नीरज पांडेय, एसडीएम राजकुमार द्बिवेदी, सीओ करछना समरबहादुर मौके पर पहुंचे। पूर्व मंत्री विक्रमाजीत मौर्या, भाजपा नेता रणजीत सिंह पहुंचे पुलिस ने लोगों का समझाने का प्रयास किया। लेकिन वे अपनी मांगों पर अड़े थे। नाराज लोगों ने आरोपियों की गिरफ्तारी, 50 लाख रुपया मुआवजा और परिवार को सुरक्षा देने का ज्ञापन एसडीएम राजकुमार द्बिवेदी को दिया। लिखित आश्वासन के बाद लोग माने। तब जाकर लोगों का आक्रोश थमा। लगभग डेढ़ घंटे जाम से इलाहाबाद नैनी मुख्य मार्ग पर अफरातफरी मची रही। लोग इधर-उधर वाहन लेकर भटकते रहे।
दक्षिणी लोकपुर के कोहरान बस्ती में पोस्टमार्टम के बाद शुक्रवार शाम जैसे ही पिता-पुत्र का शव घर पहुंचा तो कोहराम मच गया। महिलाओं का रोकर बुरा हाल था। पिता-पुत्र का शव पड़े देख वहां मौजूद रिश्तेदारों और ग्रामीणों की भी आंखे नम हो गई थी। केवल मनोज ही घर में था। वहीं गोली लगने से घायल आशीष अस्पताल में पड़ा है। वह पिता और भाई के शव को अंतिम बार देख भी नहीं पाया।