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अन्न की आस में चल बसे बाप-बेटी

Sun, 08 Nov 2015 01:49 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
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बारा (इलाहाबाद)। भोजन परोसने का पत्तल बनाने वाले बाप-बेटी खुद अन्न के एक दाने को तरस गए और शुक्रवार आधी रात भूख से तड़पकर उन्होंने दम तोड़ दिया। मामला बारा तहसील के गींज पहाड़ी गांव का है। संवेदनहीनता की सभी हदें पार कर चुके अफसरों को जब बाप-बेटी की मौत की सूचना मिली तो घर में कोटेदार से दो बोरी अनाज भेजवा दिया। मौके पर राशन लेकर संवेदना जताने पहुंचे तहसील के अफसरों को ग्रामीणों के आक्रोश के कारण उल्टे पांव लौटना पड़ा।
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बाद में डीएम संजय कुमार मौके पर पहुंचे और पूरे मामले की मजिस्ट्रेटी जांच के आदेश जारी करते हुए पीड़ित परिवार को मौके पर पांच हजार रुपये नगद दिए और बच्चों के लिए बाजार से कपड़े मंगाए। उन्होंने हर तरह से आर्थिक सहयोग पहुंचाने का आश्वासन दिया। घर में हुई दो मौतों के बाद परिवार में अब तोताराम की विकलांग पत्नी एवं पांच बच्चे रह गए हैं। उनकी हालत भी अच्छी नहीं है। डीएम के पहुंचने के बाद उन्हें जसरा सीएचसी में इलाज के लिए भर्ती कराया गया है।

 बारा थाना क्षेत्र के गींज पहाड़ी गांव में शुक्रवार की रात बस्ती के बाहर झोपड़ी बनाकर रहने वाले मुसहर परिवार के मुखिया तोताराम उर्फ समरजीत (45 वर्ष) और उसकी तीसरे नंबर की आठ साल की बेटी राधा की अचानक मौत हो गई। शनिवार सुबह घटना की सूचना से क्षेत्र में सनसनी फैल गई। ग्रामीण तोताराम के घर पहुंचे तो देखा वहां अन्न का एक दाना भी नहीं था। चारों तरफ खाली और सूखे पत्तल बिखरे पड़े थे। घर में दो दिन से भोजन नहीं पका था। परिवार की हालत देख ग्रामीण भड़क गए।
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इस बीच जानकारी मिलने पर ग्राम प्रधान पंकज यादव और हल्का लेखपाल मौके पर पहुंचे। इसके बाद तहसीलदार राम कुमार शुक्ला राजस्व कर्मियों के साथ आए और कोटेदार से कहकर दो बोरी अनाज मंगवाया। इस ढोंग से नाराज ग्रामीणों ने अफसरों को वहां से भगा दिया। इसके बाद एडीएम वित्त एवं राजस्व राम सहाय यादव और डीएम संजय कुमार मौके पर पहुंचे और पीड़ित परिवार के चारों बच्चों और उनकी मां को जसरा सीएचसी में भर्ती कराया। साथ ही मौत की असली वजह जानने के लिए बाप-बेटी का पोस्टमार्टम कराने का भी आदेश दिया।

‘परिवार आर्थिक तंगी तो झेल रहा था लेकिन भूख से मौत के कोई लक्षण नजर नहीं आए। परिवार के सदस्यों को पूरी मदद मुहैया कराई जाएगी। मजिस्ट्रेटी जांच के आदेश दिए गए हैं। जांच की जिम्मेदारी एडीएम वित्त एवं राजस्व को सौंपी है। मामले में जिस अफसर या कर्मचारी की संवेदनहीनता सामने आएगी, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।’ संजय कुमार, जिलाधिकारी
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