इलाहाबाद विश्वविद्यालय परिसर में एक बार फिर अराजकता और तनाव का माहौल है। सोमवार को केपीयूसी छात्रावास के सामने दो गुटों के बीच मारपीट में बम लगने से एक छात्र बुरी तरह से जख्मी हो गया तो एक अन्य घटना में विधि संकाय परिसर में भी मारपीट हुई। पूर्व छात्रसंघ पदाधिकारी श्रवण जायसवाल को इसमें गंभीर चोट लगी है। विधि संकाय में हुई मारपीट में शामिल दोनों गुटों के बीच शनिवार को भी लड़ाई हुई थी। इसी सिलसिले में समझौते के लिए विभागाध्यक्ष ने छात्रों को बुलाया था। इसके विपरीत विवाद बढ़ने पर मारपीट शुरू हो गई। श्रवण ने विभागाध्यक्ष पर भी साजिश में शामिल होने का आरोप लगाया।
श्रवण जायसवाल के अलावा पूर्व छात्रसंघ उपाध्यक्ष विक्रांत सिंह, छात्र नेता आनंद सिंह निक्कू ने रविवार को एफआईआर लिखाई थी कि विधि के कुछ छात्रों ने उन पर हमला बोल दिया था। छात्रों के दूसरे गुट की ओर से भी चीफ प्रॉक्टर से इनके खिलाफ लिखित शिकायत की गई थी। आनंद सिंह का कहना है कि सोमवार को विभागाध्यक्ष प्रोफेसर आरके चौबे ने उन्हें समझौते के लिए विभाग में बुलाया लेकिन वहां पहले से मौजूद लोगों ने उन पर हमला बोल दिया। श्रवण का कहना है कि उन्हें डंडे से मारा गया, जिसमें गंभीर चोट लगी है।
श्रवण के अपहरण की भी कोशिश की गई। छात्रों ने पूर्व में यह भी आरोप लगाया था कि मारपीट करने वालों में कुलपति के ओएसडी अमित सिंह का भाई भी शामिल था। हालांकि विश्वविद्यालय प्रशासन ने इसका खंडन किया है। पीआरओ प्रोफेसर योगेश्वर तिवारी का कहना है कि अमित सिंह का इस घटना से कोई संबंध नहीं है। विश्वविद्यालय और पुलिस प्रशासन घटना की जांच कर रहा है। रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। विधि विभाग के अध्यक्ष प्रोफेसर आरके चौबे का कहना है कि दोनों पक्ष के विद्यार्थी विधि के हैं। इसलिए उन्होंने उन्हें समझौता के लिए बुलाया था लेकिन वे नहीं माने। उनका कहना है कि छात्रों ने बाहर जाकर लड़ाई की।