बैंक खातों से ऑनलाइन रकम दूसरे खातों में ट्रांसफर करने वाले गिरोह का खुलासा हुआ है। इस मामले में कौड़िहार स्टेट बैंक के मैनेजर ने एक शातिर को पुलिस के हवाले कर दिया। उत्तराखंड के एक खाताधारक की शिकायत पर उसे पकड़ा गया है। पुलिस का कहना है कि जांच की जा रही है। इस गिरोह ने दर्जनों ग्राहकों के करोड़ों रुपये इस तरह से ऐंठ लिए है। पिथौरागढ़ से भी पुलिस टीम इलाहाबाद आ रही है।
कौड़िहार कटरा गांव निवासी मनोज कुमार यादव प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करता है। उसे मंगलवार को स्टेट बैंक कौड़िहारा शाखा के मैनेजर प्रशांत उपाध्याय ने केवाईसी के लिए बुलाया। मनोज बैंक पहुंचा तो उसे नवाबगंज पुलिस के हवाले कर दिया गया। पुलिस ने बताया कि मामला बैंक खाते से रकम ट्रांसफर कर हड़पने का है। 14 जुलाई को उत्तराखंड में पिथौरागढ निवासी लक्ष्मी नारायण के बैंक खाते से एक लाख 35 हजार रुपये मनोज कुमार के स्टेट बैंक कौड़िहार खाते मेेंट्रांसफर हुआ। मोबाइल पर मैसेज से रकम ट्रांसफर की जानकारी मिली तो लक्ष्मी नारायण ने अपने गंगोलीघाट शाखा में इस बारे में शिकायत की। तब गंगोलीघाट शाखा के मैनेजर ने यहां कौड़िहार शाखा के मैनेजर से मनोज कुमार के खाते के बारे में जानकारी ली। मनोज का खाता सीज कर दिया गया।
उससे पहले ही मनोज ने दिल्ली जाकर 14 जुलाई की रात दो एटीएम बूथ से करीब 40 हजार रुपये निकाल लिए थे। बैंक खाता सीज किए जाने के साथ ही पिथौरागढ़ में लक्ष्मी नारायण की शिकायत पर मनोज कुमार के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया था। मंगलवार को एफआईआर की कॉपी यहां एसबीआई कौड़िहार के मैनेजर को भेजी गई। बैंक मैनेजर ने मनोज को बहाने से बुलाया और पुलिस के हवाले कर दिया। नवाबगंज पुलिस ने इस बाबत पिथौरागढ़ पुलिस को सूचना दी। पुलिस का अनुमान है कि मनोज ने अपने साथियों की मदद से दर्जनों खातों से यूं रकम ट्रांसफर कर उड़ा दी। उससे पूछताछ की जा रही है। उसके खाते की भी डिटेल हासिल की गई है। मैनैजर कौड़िहार शाखा प्रशांत उपाध्याय ने बताया कि मनोज ने ऑनलाइन रकम ट्रांसफर की धोखाधड़ी की है। पुलिस जांच में उसकी करतूत उजागर होगी।