पीसीएस-2017 की मुख्य परीक्षा में गलत पेपर बांटे जाने के मामले में कोतवाली पुलिस ने जीआईसी के प्रिंसिपल समेत 16 लोगों के बयान दर्ज कर लिए हैं। अब आयोग के उन कर्मचारियों की सूची मांगी गई है। जो पेपर वितरण में प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से शामिल थे। प्रिंटिंग प्रेस और पैकेजिंग संस्थान के बारे में जानकारी देने से फिलहाल आयोग ने मना कर दिया है। पीसीएस परीक्षा पूरी होने के बाद उसके बारे में पुलिस को सूचना दी जाएगी।
जीआईसी सेंटर पर पीसीएस का पेपर बदलने जाने के मामले में आयोग के अनुसचिव सतीश मिश्र की तहरीर पर जीआईसी के केंद्र व्यवस्थापक, केंद्र पर तैनात स्टैटिक मजिस्ट्रेट, सहायक पर्यवेक्षक, अतिरिक्त पर्यवेक्षक आयोग और प्रिंटिंग एवं पैकेजिंग संस्थान के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई थी। कोतवाल रवींद्र यादव ने बताया कि इस प्रकरण में जीआईसी प्रधानाचार्य समेत 16 लोगों के बयान दर्ज लिए गए हैं। इन सभी की जिला कोषागार से लेकर जीआईसी में निबंध बांटने तक कोई न कोई भूमिका थी। इस मामले में एसएसपी नितिन तिवारी ने बताया कि आयोग के बाहर के लोगों से पूछताछ हो गई है, अब आयोग के उन सभी कर्मचारियों की सूची मांगी गई है जो पेपर वितरण प्रक्रिया में प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से शामिल थे। आयोग जल्द ही उन सभी की सूची उपलब्ध कराएगा। उन सभी से पूछताछ की जाएगी। प्रिंटिंग प्रेस के बारे में भी जानकारी मांगी गई है लेकिन आयोग ने परीक्षा पूरी होने तक गोपनीयता का हवाला देकर इसे बताने से मना कर दिया है। परीक्षा पूरी होने पर प्रिंटिंग प्रेस कर्मचारियों से भी पूछताछ की जाएगी।