तनाव भरे माहौल में गश्त करती रही पुलिस
नजीबाबाद। बालिका के साथ दरिंदगी और आरोपी के दूसरे समुदाय का होने के कारण गांव में तनाव भरा माहौल है। पुलिस ने आटा चक्की को सील कर दिया है। गांव में पुलिस गश्त करती रही। आपात स्थिति से निपटने के लिए नांगल, मंडावली और किरतपुर थानों की पुलिस को अलर्ट कर दिया गया। ग्रामीणों की भीड़ थाने पर जमा हुई तो पीएसी भी बुला ली गई। एसपी, एएसपी नजीबाबाद में सीओ से अपडेट लेते रहे।
घटना के बाद बदहवास बालिका घर पहुंची तो परिजनों और ग्रामीणों आक्रोश फैल गया। परिजन और ग्रामीण दौड़कर चक्की पर पहुंचे, तब तक आरोपी दानिश फरार हो चुका था। थाना प्रभारी देवेंद्र सिंह धामा ने पुलिस टीम को दौड़ाया और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस उसे पकड़कर थाने ले गई और पीड़ित बालिका को उपचार व मेडिकल के लिए जिला अस्पताल भिजवाया। पुलिस उच्चाधिकारियों ने ऐहतियातन पुलिस बल गांव में तैनात कर दिया। उधर, घटना से गुस्साए बालिका के परिजन और बड़ी संख्या में दलित समाज के लोग थाने पहुंच गए। ग्रामीण आरोपी युवक की अपने हाथों से पिटाई करने की जिद पर अड़े थे और बार-बार उस हवालात की ओर दौड़ रहे थे, जहां युवक बंद था। एसआई करमजीत सिंह, संजय त्यागी, अनु तोमर आदि पुलिस बल ने बामुश्किल भीड़ को रोका। थाने पर मौजूद सीओ अरुण कुमार सिंह ने भड़क रहे ग्रामीणों को समझाया। उन्होंने युवक के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का आश्वासन दिया। बालिका के पिता की तहरीर पर पुलिस ने आरोपी युवक दानिश के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है। मामले की जांच स्वयं सीओ कर रहे हैं।
पुलिस के खिलाफ भी था ग्रामीणों में आक्रोश
नजीबाबाद। जिस आटा चक्की पर बालिका के साथ दुष्कर्म हुआ, वहां दिन भर कोई न कोई आता-जाता रहता है। मगर हैवान बने दानिश ने तमंचे से बालिका डराया। एक एसआई के खिलाफ भी ग्रामीणों गुस्सा नजर आया। ग्रामीणों ने पिछले दिनों हुई एक व्यक्ति की मौत के मामले में पुलिस के ढुलमुल रवैये का जिक्र करते हुए विरोध दर्ज कराया।
बालिका गांव में ही कक्षा चार में पढ़ती है। घर से करीब 200 से 250 मीटर के फासले पर स्थित आटा चक्की पर वह आटा लेने गई थी। थाना प्रभारी ने बताया कि दानिश के पास 12 बोर का तमंचा था। जिससे उसने बालिका को आतंकित किया और चक्की का दरवाजा बंद कर उसके साथ घिनौनी हरकत की। घटना से क्षेत्र के दलित समाज के लोगों में रोष व्याप्त है। लोगों में गुस्सा इस बात को लेकर है कि गांव में दूसरे समुदाय के लोग लगातार दलितों पर हावी होने की कोशिश करते रहते हैं। उन्होंने पुलिस के प्रति भी नाराजगी व्यक्त की। गुस्साए ग्रामीणों ने एसआई शहजाद अली की खुले तौर पर थाना प्रभारी से शिकायत की और आरोप लगाया कि एसआई की गांव के मुस्लिमों से काफी नजदीकियां हैं और दलितों के किसी भी मामले में पुलिस सुनवाई नहीं करती।