डा. बंसल हत्याकांड में शक के दायरे में आए दो शूटरों को वाराणसी में पकड़ा गया है। हालांकि उनके सीधे लिंक बंसल हत्याकांड से नहीं हैं लेकिन मुख्य सस्पेक्ट रईस बनारसी से उनकेसंबंधों का पता चला है। अब पुलिस का पूरा जोर रईस बनारसी को खोजने में लगा रही है। दरअसल दरअसल हुलिये और डील डौल से रईस बनारसी काफी हद तक सीसीटीवी फुटेज में दिखे संदिग्ध की तरह है। इसी कारण पुलिस उसे पकड़ना चाहती है। घटना के बाद से ही उसका कुछ पता नहीं चल रहा है। उसकी तलाश में उसके कई करीबियों के नंबर सर्विलांस पर लगाए गए हैं लेकिन कहीं से कोई सुराग नहीं मिल रहा है।
बंसल हत्याकांड में इलाहाबाद के साथ लखनऊ और वाराणसी एसटीएफ की यूनिट भी लगी हैं। हत्याकांड के बाद से वाराणसी के कुख्यात शूटर रईस बनारसी की खोजबीन शुरू हुई लेकिन उसका कुछ पता नहीं चला। समय बीतने के साथ ही उस पर शक बढ़ने लगा। उसकेलिंक अख्तर कटरा से मिले तो वह मुख्य संदिग्धों में शामिल हो गया। दरअसल अख्तर कटरा और नोएडा का एजुकेशन माफिया दोनोेें पहले से ही शक के घेरे में हैं। ऐसे में उसकी तलाश में पुलिस और एसटीएफ ने कई जगह छापेमारी भी की लेकिन वह हाथ नहीं आए। अब पुलिस ने उसके करीबियों पर शिकंजा कसना शुरू किया है। वाराणसी पुलिस ने उसके दो करीबी शूटरों को उठाकर पूछताछ की है। उसके नए पुराने सभी नंबरों की डीटेल्स लेकर परिजनों और दोस्तों के बारे में पूछा है। रईस बनारसी आखिर क्यों भागा है। उसका मोबाइल बंसल हत्याकांड के बाद क्यों बंद है। इन सब के बारे में पता किया गया। पुलिस ने उसके बेहद करीबी लोगों के नंबर भी लिस्निंग लगाए हैं जिसमें एक महिला भी शामिल है।
व्यवसायी की हत्या से लिंक जोड़ रही पुलिस
इलाहाबाद। डा. बंसल की हत्या के पांच दिन बाद वाराणसी में भी शूटरों ने एक व्यवसायी की हत्या की थी। हत्या उसी तर्ज पर की गई थी जैसे डा. बंसल की। दोनों ही हत्याओं को भाड़े के शूटरों ने किया और भीड़ भाड़ वाले इलाके से बेहद आसानी से फरार हो गए। उन शूटरों का भी आज तक पता नहीं लग पाया है। पुलिस अब जांच में जुटी है कि दोनों हत्याओं में कहीं कोई लिंक तो नहीं।