रास्ते के विवाद में गई महिला की जान
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डॉ. बंसल हत्याकांड की जांच में जुटी एसटीएफ और क्राइम ब्रांच को अब तक की पड़ताल में डॉ. बंसल के तमाम लोगों से झगड़ों की बात पता चली है। ऐसे कई मामले सामने आए जिसमें जांच टीमें उलझी रहीं। यही वजह रही कि कत्ल के दस दिन बाद भी पुलिस को कोई खास सुराग नहीं मिला। फिलहाल, पुलिस ने अब सब विवादों को किनारे कर तीन प्रमुख झगड़ों पर फोकस किया है। अब पुलिस इन्हीं विवादों के तमाम पहलुओं की गहनता से पड़ताल करेगी। जांच टीमों की कोशिश है कि शूटरों तक पहुंचने का कोई अहम सुराग बस उनके हाथ लग जाए।
डॉ. बंसल चिकित्सा क्षेत्र के साथ ही प्रापर्टी, विश्वविद्यालय, होटल समेत तमाम धंधों में पांव जमा चुके थे। कारोबार बढ़ने के साथ उनके विवाद भी बढ़ते गए। डॉ. बंसल की सनसनीखेज ढंग से हत्या के बाद एसटीएफ, क्राइम समेत कई जांच टीमें मर्डर मिस्ट्री सुलझाने में जुट गईं, लेकिन उनके सामने इतने विवाद खुले कि टीमें उनमें ही उलझीं रहीं। हर बिंदु पर गहराई से छानबीन के बाद भी पुलिस किसी नतीजे पर नहीं पहुंच सकी। लिहाजा, अब पुलिस ने तीन झगड़ों पर फोकस किया है, जिनकी गहनता से छानबीन की जाएगी। पुलिस अफसरों के मुताबिक अन्य बिंदुओं की भी जांच चलती रहेगी, लेकिन इन तीनों विवादों की जांच गहनता से की जाएगी। अफसरों को उम्मीद है कि हो न हो इन विवादों में ही कत्ल का राज छिपा है।
डॉ. बंसल की 12 जनवरी को अस्पताल के अंदर गोली मारकर हत्या हुई। पुलिस को पता चला कि 15 जनवरी को डॉ. बंसल को लखनऊ जाना था। वहां दूसरी पार्टी के न आने पर तीसरी पार्टी को कब्जा दिलाना था। पुलिस को जांच में पता चला कि इसमें डॉ. बंसल का लगभग 25 करोड़ रुपये लगा था। यह रकम उन्होंने चेक और ड्राफ्ट के माध्यम से दी है। हत्याकांड के कुछ दिन पहले इस झगड़े को लेकर पंचायत भी हुई थी।
सिविल लाइंस में कानपुर रोड पर सवा एकड़ में फैले प्लॉट को लेकर डॉ. बंसल का एक विधायक से विवाद चल रहा था। इस मामले में डॉ. बंसल समेत कई लोगों के खिलाफ एफआईआर हुई थी। नवंबर 2016 में ही दूसरे पक्ष ने कर्नलगंज थाने में मुकदमा लिखाया था। हत्याकांड के बाद इस विवाद से जुड़े मामले की फाइल एसएसपी ने तलब की थी।
डॉ. बंसल की हत्या के बाद से लेकर अब तक राजा पांडेय प्राइम सस्पेक्ट बना हुआ है। इलाज के दौरान उसका डॉ. बंसल से झगड़ा हुआ था। उसने डॉ. बंसल को चैंबर में घुसकर गोली मारने की धमकी भी दी थी। गंभीर हालत में होने के चलते पुलिस उससे कड़ाई से पूछताछ नहीं कर पा रही है। उसके गिरोह के बदमाश ऐसी कई वारदात पहले भी कर चुके हैं। ऐसे में पुलिस उसके गिरोह से जुड़े शूटरों को तलाश में है।