युवती सहेली के साथ फिल्म देखने गई थी।
डॉ. एके बंसल हत्याकांड में एक अदद सुराग की तलाश में भटक रही एसटीएफ और क्राइम ब्रांच ने अंडरवर्ल्ड डॉन छोटा राजन गिरोह के खास गुर्गे शूटर नीरज वाल्मीकि की तलाश में बुधवार को कई ठिकानों पर दबिश दी। इलाहाबाद में दो ठेकेदारों के कत्ल में उसका हाथ रहा है। तमाम छापेमारी के बावजूद उसे पिछले सात महीने में पुलिस और क्राइम ब्रांच नहीं पकड़ सकी है। आशंका है कि रंगदारी से इनकार पर कत्ल हुआ तो इसमें इस शूटर का हाथ संभव है।
जनवरी 2013 में पुलिस लाइन के पास एसबीआई मुख्य शाखा के सामने कार के भीतर ठेकेदार अशोक नगर निवासी पिंकी सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। पुलिस ने दावा किया था कि छोटा राजन गिरोह से जुड़े रहे शूटर नीरज वाल्मिकी ने रंगदारी नहीं मिलने पर यह वारदात अंजाम दी थी। कुछ समय बाद नीरज को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था। उस घटना में क्लाइव रोड सिविल लाइंस निवासी रेलवे ठेकेदार प्रताप सिंह चश्मदीद गवाह थे। पिंकी हत्याकांड के कुछ समय बाद नीरज ने प्रताप को धमकाना शुरू किया कि गवाह हो, जिंदा रहना है तो रंगदारी देनी होगी।
उसने प्रताप से कई लाख रुपये रंगदारी ली थी। फिर उसने दस लाख रुपये एकमुश्त रंगदारी की डिमांड कर दी। प्रताप ने इतनी बड़ी रकम देने से इनकार किया तो नीरज उनकी जान का दुश्मन बन गया। पिछले साल नौ मई की रात करीब आठ बजे प्रतापगढ़ झूंसी रेलवे स्टेशन पर अपना काम देखने के बाद घर लौटने को कार में बैठे तभी स्टेशन परिसर में ही बाइक सवार बदमाशों ने उन्हें करीब से गोलियां मार दी थीं। महीने भर के भीतर क्राइम ब्रांच ने तीन बदमाशों को गिरफ्तार कर खुलासा किया था कि नीरज ने ही शहर और करछना के शूटरों को सुपारी देकर कत्ल कराया था। नीरज अब तक पकड़ा नहीं गया है।
रंगदारी के लिए किसी भी शख्स का कत्ल करने के अपने अपराध के तरीके से वह डॉ.बंसल की हत्या में भी एसटीएफ के निशाने पर है। ठेकेदार की हत्या के बाद सात महीने तक गिरफ्तारी से बचते रहने से उसका हौसला बढ़ा था। फिलहाल कोई सुबूत तो नहीं है लेकिन पुलिस मान रही है कि छोटा राजन गिरोह के लिए मुंबई में शूटआउट करने वाले कैंट इलाके के कुख्यात शूटर नीरज का भी डॉ.बंसल हत्याकांड में हाथ हो सकता है। एसटीएफ ने पिछले तीन दिन के दौरान कैंट समेत शहर और ग्रामीण इलाकों में नीरज के तमाम ठिकानों पर दबिश दी, जेल में भी उसके गुर्गों से पूछा मगर उसका सुराग नहीं मिल सका है। झूंसी इलाके में रहने वाले गैंगस्टर का वह गुर्गा रहा है। डॉक्टर के कत्ल में उस गैंगस्टर की भी भूमिका के बारे में छानबीन चल रही है।