इलाहाबाद। शिवकुटी के जोंधवल मोहल्ले में बीमारी से परेशान मोबाइल दुकानदार सचिन यादव (39) ने फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली। बृहस्पतिवार सुबह पत्नी चाय के लिए बुलाने गई तो दरवाजा नहीं खुला। वह लौट आईं लेकिन तीन घंटे बाद भी दरवाजा नहीं खुला तो परेशान हो गईं। खिड़की से अंदर देखा तो चीख पड़ी। सचिन फांसी के फंदे से लटका था। सूचना पर शिवकुटी पुलिस और मोहल्ले के लोग पहुंचे। सचिन की मौत से घर में कोहराम मचा हुआ है।
सचिन दिल्ली में रहकर प्राइवेट नौकरी करता था। तीन साल पहले दिल्ली से लौटते समय सड़क हादसे में सचिन के बड़े भाई की मौत हो गई थी। जबकि सचिन के सिर और पैर में गंभीर चोट आई थी। तब से वह मानसिक रूप से परेशान रहने लगा था। उसने शाहगंज इलाके में मोबाइल की दुकान खोली थी। जिस पर सचिन और उसके पिता सत्यनारायण बैठते थे। घर वालों के मुताबिक उसके पिता की भी मानसिक स्थिति ठीक नहीं है। बीमारी से परेशान सचिन काफी तनाव में रहता था। वह अक्सर पत्नी माया से जान देने की बात करता था।
बुधवार रात सचिन का मां कलावती एक शादी समारोह में चली गईं। देर रात लौटीं तो सचिन जाग रहा था। मां के आने के बाद वह पीछे वाले कमरे में सोने की बात कहकर चला गया। अंदर कमरे में उसने नायलान की रस्सी से पंखे के चुल्ले में फांसी लगा ली। सुबह आठ बजे पत्नी ने उसे उठाया तो वह नहीं उठा। दिन में लगभग 11 बजे पत्नी दोबारा उसे जगाने गई। दरवाजा न खुलने पर खिड़की से झांक कर देखा तो उसकी आंखों से आंसू फूट पड़े और वह चीख पड़ी। चीख-पुकार सुनकर घर के अन्य सदस्य और पड़ोसी भी पहुंच गए। दरवाजा तोड़कर शव को फंदे से नीचे उतारा गया। सचिन की मौत से पत्नी और दोनों बच्चों का रोकर बुरा हाल था। चौकी प्रभारी मेंहदौरी राकेश कुमार चौरसिया ने बताया कि प्रारंभिक जांच में बीमारी से परेशान होकर खुदकुशी करने की बात सामने आई है।