पोंटी चड्ढा ग्रुप के शिव शक्ति ट्रेडर्स के कैशियर राजकुमार चांदवानी के साथ 26 सितंबर को नवाबगंज के मेंडारा गांव में हुई 1.60 करोड़ रुपये की लूट के खुलासे का दावा किया गया है। पुलिस ने कंपनी के ड्राइवर विनय गुप्ता (घूरपुर) समेत कीडगंज के गुलाब सिंह पटेल, करछना के रफीक उर्फ भुल्लू, खरवई प्रतापगढ़ के दिलीप कुमार तिवारी और मऊ चित्रकूट के पवन कुमार मिश्र को गिरफ्तार कर लूट के 1.84 लाख रुपये बरामद दिखाए हैं। पुलिस ने लूट के रुपये से खरीदी गई टवेरा, मोटर साइकिल, बंदूक, पिस्टल और तमंचा भी बरामद किया है। गिरफ्तारी और बरामदगी शनिवार को हाइवे के पीवीआर ढाबे से दिखाई जा रही है।
कैश ले जाने की जानकारी विनय गुप्ता ने ही लीक की थी। वह कंपनी के पुराने गार्ड पवन मिश्रा के संपर्क में था। पवन वर्ष भर पूर्व काम छोड़ चुका था। विनय को रुपये ले जाने की जानकारी मनमोहन पार्क स्थित दफ्तर से चांदवानी के जरिए ही मिली थी। उसने सिविल लाइंस बस स्टेशन के पीसीओ से बदमाशों को सूचना दी थी। लूट में एक भाई जी तथा छह और बदमाश भी शामिल थे।
रविवार को एसएसपी दीपक कुमार ने बताया कि दो गाड़ियों में 12 लोग सवार थे। जिस नीली बत्ती लगी बोलेरो ने टवेरा को रोका गया था, उसे रफीक चला रहा था जिसे सभी दीवान जी कह रहे थे। बोलेरो में पवन मिश्रा और दिलीप तिवारी पुलिस की वर्दी में थे। दूसरी गाड़ी जिसमें पांच लोग थे, वह बैकअप के लिए पीछे थी। लूट के बाद सभी सहसों पहुंचे ओर दो बोरा खरीदा। झूंसी के पास से लाल बैग से रुपये निकालकर बोरोें में भरे गए।
दारागंज चुंगी के पास से सभी बाइक और रिक्शे से निकल गए। बोलेरो को प्रतापगढ़ भेज दिया गया। हालांकि यह बोलेरो पुलिस अब तक बरामद नहीं कर सकी है। एसएसपी के मुताबिक सभी बदमाशों ने दो-दो लाख रुपये बांट लिए थे। गुड्डू ने इन्हीं रुपये से टवेरा खरीदी। भुल्लू ने जमीन खरीदी और अपने पिता का आपरेशन करवाया। बाकी के बचे हुए रुपये भाई जी के पास हैं। विनय पर कंपनी को काफी भरोसा था। इसलिए उसे पिस्टल का लाइसेंस भी दिलवाया गया था। भाई जी का रहस्य पुलिस अभी सुलझा नहीं सकी है।
क्राइम ब्रांच ने 26 सितंबर को लूट के वक्त चांदवानी के साथ रहे गार्ड शंखदत्त ओझा और ड्राइवर शमशेर से भी कई बार पूछताछ की थी। दोनों को शनिवार को भी पूछताछ के लिए बुलाया गया था लेकिन बाद में छोड़ दिया गया था।
चर्चा रही कि क्राइम ब्रांच का काम एक गुमनामी चिट्ठी ने आसान बना दिया। चिट्ठी लिखने वाले शख्स से ही बदमाशों के नाम मिलने की बात सामने आई है लेकिन अफसर इससे इंकार कर रहे हैं।
पुलिस ने लगे हाथ चेतन सांवला के भाई तरुण सांवला से हुई तीन लाख की लूट का भी खुलासा कर डाला। दावा किया गया है कि नौ जुलाई को गुलाब पटेल ने सीडी डॉन मोटर साइकिल से लूट की थी। लूट के ही 70 हजार रुपये से प्रतापगढ़ जेल में बंद अबरार के जरिए सिल्वर रंग की चोरी की बोलेरो खरीदी गई थी। इसी बोलेरो से शराब कंपनी के कैशियर से लूट की गई थी।