पिछले साल नोटबंदी के दौरान मची आपाधापी में बड़े पैमाने पर नकली नोट भी बैंकों में जमा कराए गए, जिनका खुलासा अब हो रहा है। लीडर रोड स्थित यूनाइटेड बैंक की शाखा में 40,500 नकली नोट जमा कराए गए थे। आरबीआई ने नगदी की जांच में यह गड़बड़ी पकड़ी और लखनऊ में कैश चेस्ट को कार्रवाई के निर्देश दिए। इस मामले में कानपुर के दावा अनुभाग प्रबंधक निर्गम विभाग ने लीडर स्थित युनाइटेड बैंक की स्थानीय शाखा के प्रबंधक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है।
केंद्र सरकार ने नवंबर के महीने में नोटबंदी लागू करके 500 और एक हजार के नोट बंद कर दिए थे। उनके स्थान पर नए नोट जारी किए गए। उस दौरान पुराने नोट जमा करने की आपाधापी में इलाहाबाद सहित प्रदेश के अधिकांश जिलों में पुराने नोट के साथ-साथ नकली नोट भी जमा हो गए। इसकी जांच आरबीआई की तकनीकी टीम कर रही है। फिलहाल यूनाइटेड बैंक की लीडर रोड शाखा में जमा कराए गए नोटों में एक हजार के 25 और 500 के 31 नकली नोट निकले हैं। आरबीआई ने नकली नोट निकलने पर यूनाइटेड बैंक के लखनऊ स्थित कैश चेस्ट के प्रभारी को कार्रवाई के आदेश दिए। इसके बाद रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। थाना प्रभारी शाहगंज का कहना है कि विवेचना की जाएगी कि यह धनराशि कैसे बैंक में पहुंची। बैंक प्रबंधन की भूमिका की भी जांच की जाएगी।
नोटबंदी के दौरान जल्दबाजी में इलाहाबाद में कई बैंक शाखाओं में कई लाख के 500 और एक हजार के पुराने नकली नोट जमा हो गए। यह खुलासा आरबीआई में की गई जांच में हुआ है। जिन जिलों की कैश चेस्ट से रकम आरबीआई को भेजी गई है, उनमें मिले नकली मिले नोट का ब्योरा बैंक प्रबंधकों को दे दिया है। जिसके आधार पर बैंक विभागीय जांच कर रही है और यह पता किया जा रहा है कि किन किन शाखाओं से नकली नोट जमा किए थे। उन्हीं के प्रबंधकों को कार्रवाई के लिए लिखा जाएगा।