एससी-एसटी एक्ट में संशोधन के विरोध में आंदोलन के दौरान तोड़फोड़ में नामजद एवं अज्ञात लोगों की धरपकड़ के लिए पुलिस ने बुधवार को कई जगह छापेमारी की। नामजद आरोपियों की तलाश में उनके घरों में दाबिश दी लेकिन अभी तक उसके हाथ कुछ नहीं आया है। अज्ञात लोगों की पहचान के लिए पुलिस उपलब्ध सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है।
एसपी सिटी सिद्धार्थ शंकर मीणा के मुताबिक सभी क्षेत्राधिकारियों की अगुवाई में टीम गठित की गई है। इन्होंने नामजद आरोपियों के पते के आधार पर छापेमारी शुुरू की है। अज्ञात उपद्रवियों को पहचानने की कोशिश हो रही है। सभी उपलब्ध स्थानों से सीसीटीवी फुटेज मंगाई गई है। उनकी पड़ताल के बाद अज्ञात उपद्रवियों की भी धरपकड़ होगी। दो अप्रैल को आंदोलन के दौरान सिविल लाइंस, कचहरी, प्रयाग स्टेशन समेत कई अन्य स्थानों पर हंगामा एवं तोड़फोड़ हुई थी। पुलिस ने विभिन्न तहरीर के आधार पर चार दर्जन से अधिक ज्ञात एवं 1500 से अधिक अज्ञात लोगों के खिलाफ विभिन्न थानों में मुकदमा दर्ज किया था। इनमें कचहरी में हुए बवाल पर उपनिरीक्षक विनोद कुमार की तहरीर पर 16 ज्ञात एवं 250-300 अज्ञात, म्योराबाद चौराहे पर बवाल के आरोप में उपनिरीक्षक रजोल नागर की तहरीर पर 16 ज्ञात एवं 250 अज्ञात, सुभाष चौराहे से इन्दिरा भवन में हुए हंगामे में प्रभारी निरीक्षक शिवमंगल सिंह की तहरीर पर 8 नामजद एवं 700-800 अज्ञात, पीवीआर में हंगामे पर गिरीश कुमार साहू की तहरीर पर 8 ज्ञात एवं 150 अज्ञात के खिलाफ मामले दर्ज किए गए। ट्रेन रोकने वालों के खिलाफ रेलवे पुलिस ने मामला दर्ज किया है।
प्रदर्शनकारियों पर भारत सरकार विरोधी नारे लगाने के आरोप के साथ ही लाठी, डंडा व ईंट पत्थरों से आने-जाने वाले वाहनों को नुकसान पहुंचाने, सरकारी कर्मचारियों से धक्का-मुक्की करते हुए सरकारी कार्य में बाधा डालने के आरोप में मुकदमा दर्ज किया गया है। उनके खिलाफ आईपीसी की 147, 323, 332, 353, 336, 427 धारा के तहत मामला दर्ज किया गया है।