अपराधियों से मिलीभगत, शराब, जुआ, सट्टा जैसे गैरकानूनी धंधों में साठगांठ, जमीन की खरीद-फरोख्त में भी दखल और धन उगाही की तमाम शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए नैनी थाने के दो सिपाहियों ब्रजेंद्र राय और संतोष सिंह को निलंबित कर दिया गया। मंगलवार को उन दोनों को निलंबित करने के साथ ही एसएसपी ने सीओ को थाना प्रभारी नैनी की भूमिका की जांच सौंप दी है।
सिपाही ब्रजेंद्र सिंह और संतोष नाथ सिंह लंबे समय से नैनी थाने में तैनात थे। सच तो यह है कि वही दोनों नैनी थाना प्रभारी के कारखास सिपाही थे। यानी इलाके में उगाही समेत सारा काम वही दोनों करते थे। एसएसपी केएस इमैनुएल ने बताया कि इन दोनों सिपाहियों को निलंबित कर दिया गया है। एसएसपी के मुताबिक इन दोनों के खिलाफ जनता के साथ ही इलाके के पुलिस अफसरों से भी लगातार शिकायत मिल रही थी।
शिकायत मिलती रही कि वे दोनों इलाके में जुआ-सट्टा संचालकों, अवैध शराब और नशीले पदार्थों के विक्रेताओं को संरक्षण देते हैं। कुछ और संदिग्ध गतिविधियों में उनके संलिप्त होने की शिकायत मिली। अफसर भी उन दोनों से नाराज रहे हैं। ऐसे में उन्हें निलंबित कर उनकी कारस्तानियों की जांच सीओ को सौंप दी गई है। थाना प्रभारी के खिलाफ भी जांच होगी कि क्या इन दोनों सिपाहियों की करतूतों की उन्हें जानकारी और रजामंदी भी थी।
एसएसपी केएस इमैनुएल ने नैनी थाने के दोनो कारखास सिपाहियों को निलंबित किया तो जिले के दूसरे थानों में लंबे समय से तैनात कारखास सिपाहियों में हलचल मच गई है। एसएसपी ने कहा है कि डीजीपी के आदेश का पालन करते हुए तीन साल से ज्यादा समय से एक थाने में तैनात या संदिग्ध गतिविधियों में लिप्त सिपाहियों को हटाया जाएगा। गोपनीय टीम से इस बारे में जांच कराई जा रही है। ऐसे में करेली, सिविल लाइंस, कीडगंज, जार्जटाउन, दारागंज, धूमनगंज, शाहगंज जैसे थानों में लंब समय से थानेदार के लिए कारखासी कर रहे सिपाहियों पर गाज गिर सकती है। आलम यह है कि ये कारखास सिपाही अपने इलाके में खुलकर जुआ-सट्टा के अड्डे चलवाते हैं और कहते फिरते हैं कि उन्हें नहीं हटाया जाएगा।