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फूलपुर में सरेआम गोली मारकर कारोबारी की हत्या

Mon, 02 Nov 2015 11:53 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
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फूलपुर इलाके में सोमवार शाम ट्रैक्टर एजेंसी से निकलकर गाड़ी में बैठने जा रहे एजेंसी मालिक सुरेश शुक्ला (45) की गोली मारकर हत्या कर दी गई। दो बाइक सवार चार बदमाशों ने करीब आकर सुरेश पर ताबड़तोड़ तीन फायर किए। तीन गोलियां सुरेश को लगीं जबकि एक गोली उनके निजी गनर के जबड़े में जा धंसी। फायरिंग कर बदमाश भाग निकले। फूलपुर पुलिस घायल व्यापारी और गनर को शहर में अस्पताल लेकर पहुंची मगर सुरेश की जान नहीं बची। खबर पाकर परिजनों समेत तमाम रिश्तेदार और कारोबारी अस्पताल पहुंच गए। कई बार हमले के बावजूद हत्या से नाराज लोग शव को पोस्टमार्टम हाउस में रखने का विरोध करते हुए कातिलों की गिरफ्तारी की मांग पर अड़ गए। उधर, पुलिस ने ट्रैक्टर एजेंसी में लगे सीसीटीवी कैमरे की रिकार्डिंग कब्जे में ले ली है जिससे बदमाशों का चेहरा देखा जा सके। अभी कातिलों का पता नहीं चला है।
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कारोबारी सुरेश शुक्ला परिवार सहित दारागंज कच्ची सड़क स्थित निवास में रहते थे। उन्होंने जिले में ट्रैक्टरों की सात एजेंसी खोल रखी थी। मेजा में पेट्रोल पंप है जबकि उनकी करीब सवा सौ बसें भी चलती हैं। सोमवार दोपहर वह फूलपुर के शेखपुर में इलाहाबाद-जौनपुर मार्ग स्थित अपनी ट्रैक्टर एजेंसी पहुंचे। वहां से निकलकर शाम करीब छह बजे वह कार में बैठने जा रहे थे तभी काली पल्सर सवार तीन बदमाशों ने पास आकर सुरेश पर फायरिंग कर दी। सुरेश के पेट और हाथ समेत तीन गोलियां लगीं। वह सड़क पर लहूलुहान होकर गिर गए। एक गोली उनके निजी गनर सोनू तिवारी (32) के जबड़े में जा धंसी। वह भी खून से लथपथ होकर गिर गया।

बदमाश बाइक से भाग गए। सरेराह फायरिंग से वहां खलबली मच गई। एजेंसी मैनेजर अनवर अली ने फौरन पुलिस को खबर दी। पुलिस और आसपास के लोगों की मदद से सुरेश तथा गनर सोनू को शहर में पहले एक निजी अस्पताल ले जाया गया। वहां भर्ती नहीं करने पर एसआरएन अस्पताल लाया गया जहां डॉक्टरों ने सुरेश को मृत बता दिया। सोनू को भर्ती कर इलाज शुरू किया गया। इस दुखद घटना से सुरेश के परिवार और रिश्तेदारों में हाहाकार मच गया। भाई दिनेश और गणेश समेत तमाम रिश्तेदार और कारोबारी अस्पताल पहुंच गए। पुलिस शव को पोस्टमार्टम हाउस में रखने के लिए ले जाने लगी तो लोगों ने भारी विरोध करते हुए रोक लिया। गुस्से को देखते हुए वहां एसपी क्राइम रमाकांत प्रसाद भी कई थानों की पुलिस फोर्स के साथ पहुंच गए। देर रात तक लोग अड़े थे कि पुलिस कातिलों को गिरफ्तार करे तभी शव को पोस्टमार्टम हाउस में रखने दिया जाएगा। इसके पहले भी तीन बार सुरेश पर घातक हमला हुआ लेकिन पुलिस ने आरोपियों का ही साथ दिया।
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