घूरपुर (इलाहाबाद)। दिल्ली हाईकोर्ट के जज का ड्राइवर जहरखुुरानी का शिकार हो गया। एक दपंति ने ट्रेन में उसे कुछ नशीला खिलाकर बैग और पर्स उड़ा दिया। रेलवे जंक्शन पर अचेत मिले युवक को आरपीएफ ने जंक्शन से बाहर कर दिया। होश में आने के बाद वह भटकते हुए घूरपुर पहुंच गया जहां वह फिर बेसुध हो गया। पुलिस ने उसे काल्विन अस्पताल में भर्ती कराया। सहसों में रहने वाली उसकी रिश्तेदार मौसी को सूचना दी गई है।
नेपाल के लुंबनी का रहने वाला कृष्णबहादुर थापा दिल्ली हाईकोर्ट के एक जज का पसर्नल ड्राइवर है। जज नोएडा सेक्टर 18 में रहते हैं। कृष्ण बहादुर टाटा मूरी एक्सप्रेस से इलाहाबाद आ रहा था। उसे सहसों में अपनी मौसी के घर जाना था। बोगी में साथ बैठे एक दंपत्ति ने बातचीत के दौरान उसे कुछ खाने के लिए दिया। उसे खाने के कुछ देर बाद वह बेसुध हो गया। ट्रेन जंक्शन पर पहुंची तो लोगों ने उसे बोगी से उतारकर प्लेटफार्म पर लेटा दिया। होश में आने पर आरपीएफ वालों ने उसे जंक्शन के बाहर कर दिया। वह पैदल ही चल पड़ा। गऊघाट यमुना पुल के पास उसने सिपाहियों से नेपाल जाने का रास्ता पूछा। सिपाहियों ने उसे रीवा रोड पर भेज दिया।
वह भटकते हुए घूरपुर पहुंच गया। सुबह करीब दस बजे वह घूरपुर थाने के पास चाय-नाश्ते की दुकान पर पहुंचा। उसने आपबीती सुनाई तो भीड़ लग गई। कृष्ण बहादुर ने बताया कि उसका बैग और पर्स गायब है। उसमें 21 हजार रुपये नगद थे। घूरपुर में रहने वाले समाजसेवी शंकरलाल उसे जीआरपी थाने के लिए लेकर चले तो नैनी में वह फिर बेसुध हो गया। उसे एम्बुलेंस से कॉल्विन अस्पताल पहुंचाया गया। सहसों में उसकी मौसी को सूचना दी गई है।