कीडगंज के कृष्णानगर इलाके में बुधवार सुपाड़ी कारोबारी के घर आए अंजान पार्सल पर बम की आशंका पर खलबली मच गई। सूचना कीडगंज पुलिस मौके पर पहुंची। पार्सल को घर के बाहर लाकर साइकिल पर रखा दिया। पार्सल बम आने की खबर मोहल्ले में हड़कंप मच गया। मोहल्ले के लोगों की भीड़ जुट गई। बम निरोधक दस्ते ने बम को निष्क्रिय किया तो पता चला कि पार्सल में प्लास्टिक के टुकड़े मिले जिसे जांच के लिए भेज दिया गया है। तब जाकर मोहल्ले के लोगों ने राहत की सांस ली।
कृष्णानगर के रहने वाले शिव शंकर सिंह सुपाड़ी का कारोबार करते हैं। बुधवार को डाकिया उनके घर एक पार्सल दे गया। पार्सल टेली शॉप कंपनी से आया था। जिस पर मुंबई के थाणे का पता लिखा हुआ था। पार्सल कारोबारी की बेटी मोनी के नाम पर था। बेटी से पार्सल के बारे में पूछा गया तो पता चला कि उसने कोई पार्सल नहीं मंगाया है। इस पर कारोबारी के घर में खलबली मच गई। चूंकि व्यापारी के घर से कुछ दूर स्थित एजी कर्मी के घर जुलाई 2013 में भदोही से अंजान पार्सल आया था। जिससे हुए विस्फोट में एजी कर्मी की बेटी और बेटा बीटेक छात्र अभिषेक गंभीर रूप से घायल हुए थे। जिसकी जांच चल रही है। यह वाकया याद कर शिव शंकर के घरवालों के हांथ पांव कांप गया। तत्काल पार्सल को खोलकर देखे बिना बाहर लाकर साइकिल पर रखा दिया गया।
इसकी सूचना कीडगंज पुलिस को दी गई। सूचना पर बीडीएस की टीम मौके पर पहुंची। चूंकि पार्सल साइकिल पर रखा हुआ था। इसलिए यह पता नहीं चल पा रहा था कि अंदर क्या है। तब बम निरोधक दस्ते ने पार्सल को रेत में रखकर डिफ्यूज किया तो काफी मशक्कत के बाद बीडीएस टीम ने पार्सल बम को डिफ्यूज किया। जिसमें प्लास्टिक के टुकड़े निक ले। वजनदार होने के चलते घरवालों ने पार्सल बम समझ लिया। असलियत सामने आने के बाद मोहल्ले के लोगों ने राहत की संास लिया। तीन महीना पहले कीडगंज इलाके में बागंड धर्मशाला के पास विस्फोट में चाय की दुकान उड़ गई थी। जांच के बाद पता चला कि गैस सिलेंडर से विस्फोट हुआ था। एसओ कीडगंज रामेंद्र सिंह ने बताया अंजान पार्सल आने पर व्यापारी के घरवालों ने पार्सल बम समझ कर डर गए थे। जांच में बम जैसी कोई बात नहीं पाई गई। यह किसी की शरारत थी। अब इसकी जांच की जाएगी।